Nuclear Technology Smuggling: दिल्ली में ISI एजेंट आदिल गिरफ्तार, रूसी साइंटिस्ट से न्यूक्लियर डिजाइन लेकर ईरानी वैज्ञानिक को बेचा, जासूसी के पैसे से दुबई में खरीदी प्रॉपर्टी
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International Espionage Racket: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय जासूसी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसने देश की सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं. यह कोई छोटी-मोटी जासूसी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे न्यूक्लियर तकनीक (Nuclear Technology) की स्मगलिंग का मामला है.

पुलिस ने दिल्ली के सीमापुरी इलाके से मोहम्मद आदिल हुसैनी नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. आदिल के कई नाम हैं, जैसे सैयद आदिल हुसैन और नसीमुद्दीन.

रूस से ईरान तक... क्या है पूरा खुलासा?

पूछताछ के दौरान आदिल ने जो कहानी बताई, वो किसी जासूसी फिल्म से कम नहीं है.

  1. रूस से मिले डिज़ाइन: आदिल ने कबूल किया कि उसने एक रूसी वैज्ञानिक (Russian Scientist) से संपर्क किया था. इस वैज्ञानिक से उसने न्यूक्लियर तकनीक से जुड़े कुछ बेहद संवेदनशील और गुप्त डिज़ाइन हासिल किए.
  2. ईरान को बेचे: इन कीमती डिज़ाइनों को आदिल ने ऊंची कीमत पर ईरान के एक वैज्ञानिक को बेच दिया.

ये खुलासा इतना बड़ा है कि अब भारतीय खुफिया एजेंसियां इस जानकारी की पुष्टि करने के लिए रूस और ईरान, दोनों देशों के संबंधित लोगों से संपर्क करने में जुट गई हैं.

निशाने पर था भारत का BARC

इस रैकेट का सबसे खतरनाक पहलू अब सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, आदिल अकेला नहीं था. वह अपने 63 वर्षीय भाई अख्तर हुसैनी अहमद के साथ मिलकर भारत के सबसे प्रतिष्ठित परमाणु संस्थान— भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) — के अधिकारियों से भी संपर्क करने की कोशिश कर रहा था.

ये दोनों भाई BARC में घुसपैठ करने की फिराक में थे. गनीमत रही कि इससे पहले कि वे देश की परमाणु सुरक्षा में कोई बड़ी सेंध लगा पाते, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस पूरे जासूसी मॉड्यूल को दबोच लिया.

दुबई में इन्वेस्ट किया जासूसी का पैसा

आदिल ने पुलिस को बताया कि ईरान को न्यूक्लियर डिज़ाइन बेचने की डील में उसे बेहिसाब पैसा मिला था.

  • इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा उसने तुरंत दुबई में प्रॉपर्टी खरीदने में इन्वेस्ट कर दिया, ताकि पैसा सुरक्षित हो जाए.
  • बाकी बची हुई रकम को उसने "पानी की तरह बहा दिया".

जांच एजेंसियों को शक है कि आदिल के तार अंडरवर्ल्ड और बड़े जासूसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. एजेंसियां अब दुबई में उसकी प्रॉपर्टी की पूरी कुंडली खंगालने में लगी हैं.

पाकिस्तान ISI से भी जुड़े तार

पूछताछ में इस कहानी का एक और चौंकाने वाला पन्ना खुला. आदिल ने यह भी कबूल कर लिया है कि वो और उसका भाई, दोनों पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एजेंटों के साथ भी जुड़े हुए थे.

फिलहाल, पुलिस और सभी खुफिया एजेंसियां इस रैकेट की गहरी जड़ों तक पहुंचने के लिए आदिल से लगातार पूछताछ कर रही हैं. यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला बन गया है.