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दिल्ली सरकार ने 6 सरकारी अस्पतालों को भेजा कोवैक्सीन, 81 अस्पतालों में किया गया स्टॉक

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू करने के लिए अंतिम रूप से 81 अस्पतालों में स्टॉक किए गए दो कोविड-19 टीके की खेप को 6 सरकारी अस्पतालों में भेजा है. दिल्ली सरकार द्वारा आवंटित टीकों के साथ अस्पतालों की एक सूची से इस बात का खुलासा हुआ है.

दिल्ली सरकार ने 6 सरकारी अस्पतालों को भेजा कोवैक्सीन, 81 अस्पतालों में किया गया स्टॉक
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ( फोटो क्रेडिट- ANI )

नई दिल्ली, 15 जनवरी: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू करने के लिए अंतिम रूप से 81 अस्पतालों में स्टॉक किए गए दो कोविड-19 टीके (COVID19 Vaccine) की खेप को 6 सरकारी अस्पतालों में भेजा है. हालांकि, वितरण पैटर्न ने कई लोगों की नाराजगी बढ़ा दी है, भारत बायोटेक का कोवैक्सीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), सफदरजंग और राम मनोहर लोहिया (RML) सहित केवल छह केंद्र संचालित अस्पतालों में आवंटित किया गया है. दिल्ली सरकार द्वारा आवंटित टीकों के साथ अस्पतालों की एक सूची से इस बात का खुलासा हुआ है.

इस बीच, 75 अस्पताल जिनमें राज्य-संचालित और निजी अस्पताल शामिल हैं, को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के साथ ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविशील्ड मिलेगा, जो देश में अपने विपणन और उत्पादन को संभाल रहा है. हालांकि, वैक्सीन के वितरण पैटर्न के पीछे दिल्ली सरकार द्वारा कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या कारण प्रस्तुत नहीं किया गया है, लेकिन राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि यह केंद्र के निर्देश पर किया गया. अधिकारी ने कहा, "वैक्सीन और इसकी खुराक केंद्र सरकार के विशेष निर्देशों के अनुसार आवंटित की गई है."

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हालांकि, इस कदम से विवाद की आशंका है क्योंकि स्वास्थ्यकर्मियों के पास पहले से ही भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को लेकर आशंका है जिसे तीसरे चरण के ट्रायल की प्रभावकारिता की डेटा प्रस्तुत किए बिना भारत के ड्रग रेगुलेटर द्वारा आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमोदन मिला. कई स्वास्थ्य कर्मियों ने आईएएनएस से बात की, उन्होंने कोवैक्सीन के प्रति अपनी आशंकाओं को प्रकट किया. केंद्र संचालित लेडी हार्डिग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) के एक ईएनटी विशेषज्ञ ने कहा, "मैं टीका लगवाने के लिए तैयार हूं लेकिन कोवैक्सीन नही लगवाऊंगा."

एलएचएमसी के स्वास्थ्यकर्मियों को कोवैक्सीन दी जाएगी क्योंकि इसके संबद्ध अस्पताल कलावती सरन को 6 केंद्र संचालित अस्पतालों में सूचीबद्ध किया गया है जो भारत बायोटेक का टीका प्राप्त करेंगे. सफदरजंग के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख जुगल किशोर ने कहा कि किसी भी विवाद से बचने के लिए सभी केंद्रों पर एक वैक्सीन कैंडीडेट उपलब्ध कराया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, "बेहतर होता कि सरकार सभी केंद्रों पर एक वैक्सीन कैंडीडेट उपलब्ध कराती ताकि लोगों के मन में कोई भ्रम न पैदा हो." कोवैक्सीन विवादों में रहा है क्योंकि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग के लिए सिफारिश की गई थी. बाद में, इसे कोविड टीकाकरण कार्यक्रम में रोल-आउट के लिए 3 जनवरी को मंजूरी दी गई.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 15, 2021 11:04 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).