Dahi Handi 2025: मुंबई में दही हांडी के दौरान 32 वर्षीय युवक की मौत; 30 अन्य गोविंदा पथक घायल
दही हांडी 2025 (Photo Credits: Wikimedia commons)

Dahi Handi 2025: मुंबई सहित आसपास के जिलों में 16 अगस्त को धूमधाम से दही हांडी उत्सव मनाया गया, लेकिन इस दौरान कई हादसे भी हुए. आर्थिक राजधानी मुंबई में दही हांडी बांधते वक्त 32 वर्षीय गोविंदा की मौत हो गई, वहीं कई अन्य लोग घायल हुए हैं. यह भी पढ़े: Dahi Handi 2025 Messages: हैप्पी दही हांडी! प्रियजनों को इन हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, GIF Greetings के जरिए दें पर्व की बधाई

दही हांडी बांधते वक्त हादसा

मुंबई के महाराष्ट्र नगर इलाके में शनिवार दोपहर को 32 वर्षीय जगमोहन शिवकिरण चौधरी दही हांडी बांध रहे थे. वह अपनी घर की पहली मंजिल की खिड़की से रस्सी के जरिए दही हांडी बांध रहे थे, तभी अचानक वह नीचे गिर गए. उन्हें तुरंत गोवंडी के शताबदी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

30 लोग घायल

इस हादसे के अलावा, शहरभर में दही हांडी के आयोजन में शामिल कम से कम 30 लोग घायल हुए हैं. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन 30 घायलों में से 15 को अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि बाकी को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया. घायलों में से 18 लोग मुंबई के मुख्य शहर से हैं, जबकि 6-6 लोग पूर्व और पश्चिमी मुंबई से हैं.

पहले भी हुई थी एक मौत

इससे पहले इस सप्ताह के शुरुआत में, मुंबई के दहिसर क्षेत्र में एक 11 वर्षीय बच्चे की भी मौत हो गई थी, जब वह दही हांडी के अभ्यास के दौरान गिरकर घायल हो गया था. इस घटना में महेश रमेश जाधव नामक बच्चे को सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौत हो गई.

माँ ने की शिकायत

इस घटना के बाद, बच्चे की मां संगीता ने दहिसर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और मंडल अध्यक्ष के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया. बच्चे की मां का कहना है की लापरवाही के चलते उनके बेटे की जान गई हैं.

राज्य सरकार ने दी थी बीमा कवरेज

जुलाई महीने में राज्य सरकार ने दही हांडी उत्सव में भाग लेने वाले 1.5 लाख गोविंदों के लिए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के जरिए बीमा कवरेज का ऐलान किया था. इस बीमा कवरेज के तहत, अगर कोई गोविंदा खेल के दौरान मृत्यु को प्राप्त होता है, तो मृतक के परिजनों को अधिकतम ₹10 लाख की राशि दी जाएगी.

दही हांडी उत्सव और सुरक्षा के सवाल

हालांकि दही हांडी उत्सव हर साल श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है, इस तरह के हादसों से सुरक्षा के सवाल भी उठते हैं. राज्य सरकार और आयोजकों को इस खेल की सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.