Cyclone 'Montha' LIVE: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तबाही मचाने के बाद चक्रवात 'मोंथा' ने बदला रुख, अब इन राज्यों में जारी हुआ रेड अलर्ट
चक्रवाती तूफ़ान 'मोंथा' मंगलवार को आंध्र प्रदेश तट से टकराया, जिससे कोनासीमा ज़िले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 1.76 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हुईं. IMD के अनुसार, यह गंभीर चक्रवात अब कमज़ोर होकर सामान्य तूफ़ान में बदल गया है. हालांकि, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना समेत 10 राज्यों में अभी भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है.
Cyclone 'Montha' LIVE Tracker: चक्रवाती तूफ़ान 'मोंथा' ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को पार करते हुए दस्तक दी. यह तूफान मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच, काकीनाडा के दक्षिण में तट से टकराया था. तूफान की ज़बरदस्त ताकत से आंध्र प्रदेश के कोनासीमा ज़िले में एक व्यक्ति की मौत होने की खबर है, जो इस प्राकृतिक आपदा का सबसे दुखद पहलू है.
चक्रवाती तूफ़ान 'मोंथा' मंगलवार को आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को पार करके काकीनाडा के दक्षिण में तट से टकरा चुका है. IMD के अनुसार, गंभीर चक्रवाती तूफान अब कमज़ोर होकर एक सामान्य चक्रवाती तूफान में बदल गया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 'गंभीर चक्रवाती तूफ़ान' (Severe Cyclonic Storm) 'मोंथा' अब कमज़ोर होकर एक सामान्य चक्रवाती तूफ़ान (Cyclonic Storm) में बदल गया है, जो एक राहत की बात है.
Cyclone 'Montha' LIVE Tracker
तूफ़ान की रफ़्तार और बारिश का अनुमान
जब यह तूफ़ान तट से टकराया, तो इसकी अधिकतम हवा की गति 90-100 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जो झोंकों के साथ 110 किमी प्रति घंटा तक जा रही थी.
हालांकि तूफ़ान अब कमज़ोर हो गया है, लेकिन इसका असर अभी भी कई राज्यों में दिखेगा. IMD ने चेतावनी दी है कि 'मोंथा' के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में "बेहद भारी" बारिश हो सकती है.
इसका असर सिर्फ इन्हीं राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा. छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
जनजीवन अस्त-व्यस्त: नुकसान और बचाव कार्य
- भारी नुकसान: आंध्र प्रदेश में तूफ़ान की वजह से 1.76 लाख हेक्टेयर से ज़्यादा की फसलें बर्बाद हुई हैं. इसमें 38,000 हेक्टेयर की खड़ी फसलें और 1.38 लाख हेक्टेयर की बागवानी फसलें शामिल हैं. नेल्लोर ज़िले में सबसे ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है.
- यातायात पर असर: तूफ़ान ने ट्रेन और हवाई यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया.
- भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द किया, उनके रास्ते बदले या उनका समय बदला. साउथ सेंट्रल रेलवे ज़ोन ने ही सोमवार और मंगलवार को कुल 120 ट्रेनें रद्द कर दीं.
- विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से मंगलवार को सभी 32 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि विजयवाड़ा एयरपोर्ट से 16 उड़ानें रद्द हुईं.
- ओडिशा में स्थिति: पड़ोसी राज्य ओडिशा के 15 ज़िलों में भी तूफ़ान का असर महसूस हुआ. तटीय और दक्षिणी ज़िलों में भारी बारिश से भूस्खलन हुआ, घर क्षतिग्रस्त हुए और पेड़ उखड़ गए. विशाखापट्टनम में एक पेड़ गिरने से एक वाहन दब गया.
- राहत और बचाव: पुलिस और प्रशासन की टीमें तेज़ी से काम कर रही हैं. आंध्र के वेटापालेम जैसे इलाकों में पुलिस ने तुरंत गिरे हुए पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल किया.
- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने हालात की समीक्षा की और कहा कि राज्य पर अभी ज़्यादा ख़तरा नहीं है. एहतियात के तौर पर गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों और बुज़ुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है. स्कूल और आंगनवाड़ियाँ बंद कर दी गई हैं.
कुल मिलाकर, चक्रवात 'मोंथा' ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी तबाही मचाई है, लेकिन अब इसके कमज़ोर पड़ने से लोगों ने राहत की साँस ली है. प्रशासन अगले 24 घंटों तक कड़ी निगरानी बनाए हुए है.