Third Wave Scare: केरल से हो चुकी है तीसरी लहर की शुरुआत? त्योहारों के सीजन में लापरवाही से बढ़ सकता है खतरा
देश में कोरोना (COVID-19) के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है. पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना के 43,068 मामले सामने आए और 462 की मौत हुई. इससे पहले बीते दिन 30,203 केस आए थे. तुलना में यह आंकड़ा करीब 12 हजार ज्यादा है.
नई दिल्ली: देश में कोरोना (COVID-19) के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है. पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना के 43,068 मामले सामने आए और 462 की मौत हुई. इससे पहले बीते दिन 30,203 केस आए थे. तुलना में यह आंकड़ा करीब 12 हजार ज्यादा है. कोरोना के 41,965 मामलों और 460 मौतों में से 30,203 मामले और 115 मौतें सिर्फ केरल से हैं. सोमवार को आई गिरावट के बाद केरल में मंगलवार को COVID-19 के 30,203 नए मामले सामने आए जबकि 115 और मरीजों की मौत हुई. MIS-C: केरल में बेकाबू होते कोरोना के बीच बच्चों में बढ़ रहा पोस्ट COVID संक्रमण, पिछले 5 महीनों में 4 की मौत.
केरल में संक्रमण की दर बढ़कर 18.86 प्रतिशत हो गई है. राज्य में COVID-19 के सक्रिय मरीजों की संख्या 2,18,892 हो गई है. केरल में बीते 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 20,687 मरीज संक्रमण मुक्त हुए.
केरल में बेकाबू हुआ कोरोना
केरल के मलाप्पुरम जिले में कोरोना के सर्वाधिक 3,576 नये मरीज सामने आए. इसके बाद एर्णाकुलम में 3,548, कोल्लम में 3,188, कोझीकोड में 3,066, त्रिशूर में 2,806, पलक्कड़ में 2,672, तिरुवनंतपुरम में 1,980, कोट्टायम में 1,938, कन्नूर में 1,927, अलाप्पुझा में 1,833, पठानमथिट्टा में 1,251, वायनाड में 1,044 और इडुक्की में कोरोना वायरस संक्रमण के 906 नए मामले सामने आए हैं.
केरल के विभिन्न जिलों में इस समय 5,45,393 लोगों को निगरानी में रखा गया है, जिसमें से 31,707 लोग अस्पतालों में हैं. केरल की स्थिति बेहद भयावह है. केरल की स्थिति को लेकर केंद्र चिंतित है, वहीं अन्य राज्यों को भी डर है कि उनके यहां भी ऐसी स्थिति न हो जाए.
तीसरी लहर की शुरुआत?
ICMR के डॉ. पांडा का कहना है कि मौजूदा समय में कुछ राज्यों में कोविड 19 केस की बढ़ती संख्या तीसरी लहर का संकेत दे रही है. डॉ. पांडा ने कहा कि सभी राज्यों को अपने यहां पहली और दूसरी लहर के दौरान कोरोना के मामलों की संख्या और उसकी भयावहता का विश्लेषण करके तीसरी लहर से बचाव की रणनीति बनानी चाहिए.
अक्टूबर और नवंबर के बीच पीक पर होगी तीसरी लहर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में अक्टूबर और नवंबर के बीच COVID-19 की तीसरी लहर चरम पर पहुंच सकती है. एक्सपर्ट्स ने कहा कि तीसरी लहर की तीव्रता दूसरी लहर की तुलना में काफी कम रहने की उम्मीद है. यदि तीसरी लहर चरम पर होती है, तो देश में केवल 1 लाख दैनिक मामले देखे जा सकते हैं.
राज्य बरतें सावधानी
कोरोना से बचाव के लिए सावधानी सबसे अधिक जरूरी है. कोरोना नियमों का पालन कर महामारी के खतरे को कम किया जा सकता है. ऐसे समय में जब देश में त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है, कोरोना को हल्के में लेने से खतरा बढ़ सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 01, 2021 11:16 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

