Coronavirus Lockdown: देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने 25 मार्च से 14 अप्रैल तक के 21 दिवसीय लॉकडाउन (Lockdown) का ऐलान कर दिया. आज लॉकडाउन का 19वां दिन है. बता दें कि लॉकडाउन घोषित किए जाने के बाद बहुत जरूरी सेवाओं को छोड़कर सबकुछ बंद कर दिया गया. लॉकडाउन की वजह से कई अन्य जरूरी चीजों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई. हालांकि कई राज्य सरकारों द्वारा ऐलान किया गया कि लॉकडाउन के दौरान जरूरी चीजों को लोगों के घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी. हाल ही में मुंबई (Mumbai) से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें एक बीमार बच्चे को पिलाने के लिए ऊंटनी का दूध मुहैया कराने की गुहार लगाने बाद उसकी मदद की गई.
बताया जा रहा है कि बीते 4 अप्रैल को मुंबई के चेंबूर (Chembur) इलाके में रहने वाली एक महिला ने पीएम मोदी को ट्वीट में टैग करते हुए अपने साढ़े तीन साल के ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे के लिए ऊंटनी का दूध (Camel Milk) मुहैया कराने के लिए मदद की गुहार लगाई थी. महिला ने लिखा था कि मेरा बेटा ऑटिज्म और खाने की गंभीर एलर्जी से जूझ रहा है. वह सिर्फ ऊंटनी के दूध और दालों की सीमित मात्रा पर निर्भर है. राजस्थान के सदरी से ऊंटनी के दूध का पावडर लाने में कृपया मेरी मदद करें. यह भी पढ़ें: देश में तेजी से बढ़ रही कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या, अब तक 8356 संक्रमित- 273 की मौत
महिला के ट्वीट को कई अधिकारियों ने देखा, जिसके बाद ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा और राजस्थान के रेलवे अधिकारी महिला की मदद के लिए आगे आए. तब जाकर करीब 20 लीटर ऊंटनी के फ्रोजन दूध और 20 किलो सामान्य ऊंटनी का दूध महिला के घर तक पहुंच पाया. कहा जा रहा है कि ट्वीट देखने के बाद आईपीएस अफसर अरुण बोथरा उत्तर-पश्चिम रेलवे के चीफ पैसेंजर ट्रांसपोर्ट मैनेजर तरुण जैन के पास पहुंचे. दोनों ने ऊंटनी के दूध को राजस्थान से मुंबई पहुंचाने पर बात की.
गौरतलब है कि इसके बाद पंजाब के लुधियाना से बांद्रा टर्मिनस आने वाली कार्गो ट्रेन को राजस्थान स्थित अजमेर के करीब फालना स्टेशन पर रोका गया. इस कार्गो ट्रेन का स्टॉप न होने के बावजूद भी ट्रेन को ऊंटनी का दूध लेने के लिए फालना स्टेशन पर रोका गया, फिर शुक्रवार की रात महिला के घर तक ऊंटनी का दूध पहुंचाया गया.













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