Congress ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- 84 फीसदी परिवारों की आय में गिरावट आई, मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं
उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार की अमीर समर्थक नीतियों के कारण अप्रत्यक्ष करों (जीएसटी) में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि ईंधन पर लगाए गए अतिरिक्त कर में लगातार वृद्धि हुई है, जो 2020-21 पिछले वर्ष की तुलना में, पूर्व-कोविड स्तरों से 79 प्रतिशत अधिक के पहले छह महीनों में 33 प्रतिशत बढ़ी है.
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट (Union Budget) की घोषणाओं से कुछ दिन पहले, कांग्रेस (Congress) ने सोमवार को आरोप लगाया कि केंद्र की खराब आर्थिक नीति (Economic Policy) के कारण देश में बेरोजगारी (Unemployment) दर 7 फीसदी तक पहुंच गई है और थोक महंगाई (Inflation) दर बढ़कर 7 फीसदी हो गई है. 13.56 प्रतिशत, अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले रुपया गिरकर 74 प्लस पर आ गया है. 84 प्रतिशत परिवारों की आय 2021 में घट गई जबकि कुछ व्यक्तियों की संपत्ति नौ गुना बढ़ गई. कांग्रेस ने मांग की है कि जिस तरह कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी किया जाए, उसी तरह मध्यम और निम्न आय वर्ग को भी राहत दी जानी चाहिए.
पार्टी ने मांग की है कि सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 रुपये प्रति लीटर की कमी करनी चाहिए, जबकि आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दरों को या तो छूट दी जानी चाहिए या इन्हें तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए क्योंकि इन वस्तुओं पर उच्च दरें 'प्रतिगामी' हैं. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने Congress पर बोला हमला, कहा- कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को उग्रवाद, अस्थिरता, असमानता दी
वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा, "देश में 84 फीसदी घरों की आय 2021 में घटी, लेकिन साथ ही भारतीय अरबपतियों की संख्या 102 से बढ़कर 142 (39 फीसदी की वृद्धि) हो गई.
उन्होंने कहा, "सबसे अमीर 98 भारतीयों के पास नीचे के 55.2 करोड़ लोगों के बराबर संपत्ति है. महामारी की पहली दो लहरों के दौरान, भारतीय अरबपतियों की संपत्ति 23.14 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 53.16 लाख करोड़ रुपये हो गई. अरबपतियों की संपत्ति में यह वृद्धि ( 30.02 लाख करोड़ रुपये) वित्त वर्ष 21-22 (34.83 लाख करोड़ रुपये) के केंद्रीय बजट का 86 प्रतिशत है."
उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार की अमीर समर्थक नीतियों के कारण अप्रत्यक्ष करों (जीएसटी) में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि ईंधन पर लगाए गए अतिरिक्त कर में लगातार वृद्धि हुई है, जो 2020-21 पिछले वर्ष की तुलना में, पूर्व-कोविड स्तरों से 79 प्रतिशत अधिक के पहले छह महीनों में 33 प्रतिशत बढ़ी है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कॉरपोरेट करों को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करने से 1.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे भारत का राजकोषीय घाटा बढ़ा.
उन्होंने कहा, "इन प्रवृत्तियों से पता चलता है कि गरीब, हाशिए पर और मध्यम वर्ग ने भयंकर महामारी से गुजरने के बावजूद उच्च करों का भुगतान किया, जबकि अमीरों ने अधिक पैसा कमाया." वल्लभ ने आरोप लगाया कि 2020 में 4.6 करोड़ से अधिक वैश्विक नए गरीबों का लगभग आधे भारतीयों के अत्यधिक गरीबी में गिरने का अनुमान है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 17, 2022 08:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

