Boycott Bangladesh and China: इंदौर के व्यापारियों ने मंदिर में खाई कसम, नहीं बेचेंगे चीन और बांग्लादेश के कपड़े, उल्लंघन पर जुर्माना (Watch Video)
इंदौर के कपड़ा व्यापारियों ने चीन और बांग्लादेश के कपड़ो पर बहिष्कार डाला है. सभी व्यापारियों ने मंदिर में पहुंचकर हाथों में बैनर लेकर संकल्प लिया है.
इंदौर, मध्य प्रदेश:देश की आर्थिक और सांस्कृतिक अखंडता को चोट पहुंचाने वाले देशों चीन और बांग्लादेश को अब व्यापारियों ने कड़ा जवाब दिया है. इंदौर शहर, जो मध्य भारत का सबसे बड़ा कपड़ा बाजार माना जाता है, अब इन देशों से आने वाले वस्त्रों और एक्सेसरीज़ का बहिष्कार करेगा.इसे केवल व्यापारिक निर्णय न समझें.अंग्रेजों को सबक सिखाने के लिए महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन के तहत 22 अगस्त 1921 को विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार का आंदोलन चलाया था. उन्होंने विदेशी वस्त्रों की होली जलाई थी. अब एक बार फिर विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार की एक मुहिम इंदौर में शुरू हुई है. इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @PeoplesUpdate नाम के हैंडल से शेयर किया गया है.
यह है एक राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत आंदोलन, जो अब जन-जन तक पहुंचने को तैयार है.ये भी पढ़े:MP: इंदौर मेट्रो के साथ दतिया और सतना के हवाई अड्डों का लोकार्पण करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
व्यापारियों ने किया आंदोलन
इंदौर - रेडीमेड एसोसिएशन का बड़ा फैसला, चीन और बांग्लादेश के कपड़ों का बहिष्कार, पाकिस्तान के मददगार देशों को आर्थिक झटका देने की मुहिम, उल्लंघन पर 1 लाख का जुर्माना #Indore #ReadymadeAssociation #China #Bangladesh #PakistanIndianWar #IndiaPakistanWar #PeoplesUpdate pic.twitter.com/YIVrN3s7zB
— Peoples Update (@PeoplesUpdate) May 22, 2025
अब नहीं बिकेंगे चीन-बांग्लादेश के कपड़े
इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि यदि कोई व्यापारी इस संकल्प का उल्लंघन करता है और चीन या बांग्लादेश से आयातित कपड़े बेचता पाया जाता है, तो उस पर ₹1.11 लाख का आर्थिक दंड लगाया जाएगा. यह राशि सीधे भारतीय सेना सहायता कोष में दी जाएगी.
हनुमान मंदिर में सैकड़ों व्यापारियों ने लिया ‘राष्ट्र के नाम संकल्प’
सुभाष चौक स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित इस विशेष आयोजन में 600 से अधिक व्यापारियों ने भगवान को साक्षी मानकर यह प्रण लिया कि वे अब केवल स्वदेशी वस्त्रों का ही कारोबार करेंगे. इस आयोजन का उद्देश्य था.राष्ट्र सर्वोपरि है, मुनाफा नहीं.
सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स को भेजी गई चेतावनी
एसोसिएशन ने देशभर के थोक वितरकों को औपचारिक पत्र भेजकर सूचित कर दिया है कि अब ऐसे किसी भी माल की बिक्री इंदौर में नहीं होगी, जो इन विरोधी देशों से आता हो.
चीन-बांग्लादेश का माल होगा नष्ट
फैसले को और मजबूत करते हुए एसोसिएशन ने यह भी ऐलान किया कि दुकानों में पहले से मौजूद विदेशी वस्त्र, मटेरियल व एसेसरीज़ को नष्ट किया जाएगा. नगर निगम इस प्रक्रिया में सहयोग करेगा ताकि पुनः उपयोग की कोई संभावना न रहे.
नेताओं और समाजसेवियों ने की सराहना
इस राष्ट्रवादी कदम की सराहना न केवल व्यापारिक समुदाय में, बल्कि राजनीतिक, सामाजिक और रक्षा विशेषज्ञों के बीच भी की जा रही है. इसे 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की असली प्रेरणा बताया जा रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 22, 2025 04:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

