8th Pay Commission Latest News: 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की मांग, ₹69,000 न्यूनतम वेतन और 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू हो

8वें वेतन आयोग की पहली औपचारिक बैठक में कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन को 18,000 से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.83 गुना करने की मांग रखी है.

(Photo Credits File Image)

8th Pay Commission Latest News: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) ने औपचारिक रूप से अपनी परामर्श प्रक्रिया शुरू कर दी है. 28 अप्रैल को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में कर्मचारी प्रतिनिधियों ने वेतन और पेंशन ढांचे में बड़े बदलावों का चार्टर पेश किया. नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के सामने अपनी मांगें रखीं. इन सिफारिशों का सीधा असर लगभग 45 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा.

न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर पर प्रस्ताव

कर्मचारियों के ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) में भारी बढ़ोतरी की है. स्टाफ साइड ने इसे वर्तमान 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है. यह भी पढ़े:  8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब 31 मई तक जमा कर सकेंगे सुझाव और मांगें

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की गई है. यह गणना पांच सदस्यों वाले परिवार के जीवन यापन की बढ़ती लागत, पोषण संबंधी आवश्यकताओं और आधुनिक तकनीकी खर्चों को ध्यान में रखकर की गई है.

करियर प्रमोशन और इंक्रीमेंट में बदलाव

करियर में ठहराव की समस्या को दूर करने के लिए प्रतिनिधियों ने वार्षिक वेतन वृद्धि और पदोन्नति नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव मांगे हैं:

पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर जोर

रिटायरमेंट ढांचे को लेकर विवाद बरकरार है. कर्मचारी संगठनों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और हाल ही में पेश की गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को पूरी तरह वापस लेने की मांग की है. ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने पर जोर दिया गया है. प्रतिनिधियों का तर्क है कि पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है, क्योंकि उन्होंने गारंटीकृत पेंशन के बदले पहले अपने योगदान वाले लाभ छोड़ दिए थे.

भत्ते और अवकाश सुविधाओं का विस्तार

चार्टर में सभी मौजूदा भत्तों को तीन गुना करने का अनुरोध किया गया है. इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

अगली कार्रवाई और समय सीमा में विस्तार

जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले आयोग ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि सभी मांगों की गहन जांच की जाएगी. एक महत्वपूर्ण अपडेट में, आयोग ने ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 मई कर दिया है. इसके अलावा, आयोग की टीम जमीनी हकीकत समझने के लिए रेलवे और रक्षा इकाइयों के दूरदराज के क्षेत्रों का दौरा भी करेगी.

Share Now