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बिजनसमेन अदार पूनावाला ने लिंकन हाउस का कब्जा नहीं मिलने के लिए नौकरशाही को ठहराया जिम्मेदार

व्यवसायी अदार पूनावाला ने मुंबई के चर्चित लिंकन हाउस का कब्जा नहीं मिल पाने के लिए नौकरशाही उत्पीड़न को जिम्मेदार ठहराया है. पुणे मे वैक्सीन निर्माता संस्थान ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ चलाने वाले अरबपति पूनावाला परिवार ने 2015 में 750 करोड़ रुपये की बोली लगाकर लिंकन हाउस को खरीदा था. अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को बाद में यहां बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में ले जाया गया.

बिजनसमेन अदार पूनावाला ने लिंकन हाउस का कब्जा नहीं मिलने के लिए नौकरशाही को ठहराया जिम्मेदार
बिजनसमेन अदार पूनावाला (Photo Credits: Twitter)

व्यवसायी अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने मुंबई के चर्चित लिंकन हाउस का कब्जा नहीं मिल पाने के लिए नौकरशाही उत्पीड़न को जिम्मेदार ठहराया है. पुणे मे वैक्सीन निर्माता संस्थान ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (Serum Institute of India) चलाने वाले अरबपति पूनावाला परिवार ने 2015 में 750 करोड़ रुपये की बोली लगाकर लिंकन हाउस को खरीदा था.

संस्थान के मुख्य कार्यकारी अदार पूनावाला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि चार साल बाद, पर्याप्त राशि का भुगतान करने के बाद भी परिवार को संपत्ति का कब्जा मिलना बाकी है. उन्होंने इसके लिए भारतीय अधिकारियों के ‘‘नौकरशाही उत्पीड़न’’ को जिम्मेदार ठहराया. वांकानेर के तत्कालीन महाराजा के दो एकड़ में फैले इस बंगले को 1957 में अमेरिका ने लीज पर लेकर वाणिज्य दूतावास का कार्यालय बनाया था.

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अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को बाद में यहां बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में ले जाया गया.

पूनावाला परिवार ने अमेरिका के साथ सौदा किया था, जिसमें पट्टे के अधिकारों का हस्तांतरण शामिल था. पूनावाला ने कहा, ‘‘मैंने कभी भी इस संपत्ति को नहीं छुआ क्योंकि मुझे डर था कि कहीं इस सौदे में कोई समस्या न आ जाये. पट्टा 999 वर्षों के लिए है और 1957 में शुरू हुआ. हमारे पास 900 और वर्ष हैं.’’

हालांकि पूनावाला ने कहा कि उन्हें सौदा रोकने के लिए कोई खास कारण नहीं बताये गये है.

यह भूमि रक्षा मंत्रालय के रक्षा संपदा विभाग के अधीन आती है, जिसे सौदे के लिए आगे बढ़ने और पट्टे के अधिकारों को हस्तांतरित करने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में वह रक्षा मंत्रालय के नौकरशाहों से मिले और उन्होंने इसे जल्द मंजूरी दिये जाने के लिए पूर्व रक्षा मंत्रियों अरुण जेटली और मनोहर पर्रिकर से भी मुलाकात की थी.

पूनावाला का कहना है कि यह मुद्दा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के पास लंबित है.

अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के प्रवक्ता निक नोवाक से संपर्क किये जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी सरकार पट्टे की शर्तों के अनुसार लिंकन हाउस के पट्टे को हस्तांतरित करने के लिए भारत सरकार के साथ काम करने की इच्छुक है.’’

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 01, 2019 04:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).