Blackouts Likely Tomorrow: 7 मई को देशभर में ब्लैकआउट? जानिए क्या होगा सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल में, क्या है Crash Blackout?

मुंबई: देश में 7 मई, बुधवार को अचानक अंधेरा छा सकता है. यह कोई बिजली की समस्या नहीं, बल्कि गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का हिस्सा है. मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि इस दिन वे राष्ट्रीय सुरक्षा अभ्यास के तहत मॉक ड्रिल करें. इस अभ्यास का मकसद किसी आपात स्थिति, खासकर हवाई हमलों की स्थिति में नागरिक सुरक्षा को मजबूत करना है. मॉक ड्रिल के दौरान, पूरे देश में रोशनी को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा: सबसे पहले सड़क की लाइटें, फैक्ट्रियों की लाइटें और वाहनों की हेडलाइट्स बंद की जाएंगी. विज्ञापन होर्डिंग्स और सजावटी लाइट्स भी बंद कर दी जाएंगी, खासकर ऐसे इलाकों में जो हवाई हमले के लिए संवेदनशील माने जाते हैं. सड़क लाइट्स को 20 फीट की ऊंचाई से 25 वॉट के बल्ब जितनी रोशनी तक सीमित कर दिया जाएगा.

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क्यों हो रहा है यह मॉक ड्रिल?

हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. ऐसे समय में सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहती है. इसीलिए 7 मई को देशभर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है, जिसमें Crash Blackout जैसे उपायों को आजमाया जाएगा.

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क्या होता है "Crash Blackout"?

क्रैश ब्लैकआउट एक ऐसा आपातकालीन उपाय है जिसमें अचानक सभी रोशनी बंद कर दी जाती है. इसका मकसद यह होता है कि दुश्मन के हवाई जहाज किसी भी तरह की प्रकाश या गतिविधि को देखकर निशाना न बना सकें.

यह प्रक्रिया विशेष रूप से हवाई हमलों के दौरान अपनाई जाती है ताकि नागरिकों की जान और देश की महत्वपूर्ण संपत्तियों को बचाया जा सके. 2003 में जारी "General Principles of Civil Defence in India" दस्तावेज में बताया गया है कि क्रैश ब्लैकआउट का उद्देश्य दुश्मन के पायलटों को भ्रमित करना और उनकी सटीकता को कम करना है.

और क्या होगा इस मॉक ड्रिल में?

ब्लैकआउट के अलावा इस मॉक ड्रिल में कई अन्य सुरक्षा उपाय भी अपनाए जाएंगे: हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन को चलाया जाएगा. नागरिकों, स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को सुरक्षा प्रोटोकॉल की ट्रेनिंग दी जाएगी. भारतीय वायुसेना के साथ रेडियो कम्युनिकेशन की तैयारी की भी जांच की जाएगी.

नागरिकों को क्या करना चाहिए?

अगर आपके क्षेत्र में भी ब्लैकआउट किया जाता है, तो घबराएं नहीं. यह एक मॉक ड्रिल है, यानी एक अभ्यास. सरकार की ओर से इसका मकसद केवल तैयारियों को परखना है. इस दौरान आप अनावश्यक लाइटें बंद रखें. घर में मोबाइल टॉर्च या कैन्डल रखें. अफवाहों से दूर रहें और केवल सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें.

देश की सुरक्षा के लिहाज से यह सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल बेहद अहम है. इससे न केवल सरकारी एजेंसियों की तैयारियों की जांच होती है, बल्कि आम लोगों को भी आपातकालीन स्थिति में क्या करना है, इसकी जानकारी मिलती है.