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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के खिलाफ सही उम्मीदवारों की तलाश में भाजपा

भले ही भाजपा ने राजस्थान में 124 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं, लेकिन वह अभी भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के खिलाफ योग्य और जीतने योग्य उम्मीदवारों की तलाश में कड़ी मेहनत कर रही है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के खिलाफ सही उम्मीदवारों की तलाश में भाजपा
Ashok Gehlot(Photo Credits ANI)

जयपुर, 28 अक्टूबर : भले ही भाजपा ने राजस्थान में 124 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं, लेकिन वह अभी भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के खिलाफ योग्य और जीतने योग्य उम्मीदवारों की तलाश में कड़ी मेहनत कर रही है. भगवा पार्टी को अपने गृह क्षेत्र सरदारपुरा में अशोक गहलोत के लिए एक चुनौती खोजने में कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है. उसे सचिन पायलट के गढ़ टोंक में उन्‍हें टक्कर देने के लिए भी सही उम्मीदवार नहीं मिल रहे है. भाजपा सूत्रों के मुताबिक, ''अशोक गहलोत भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हैं. चतुर राजनेता के प्रभुत्व वाली इस दशकों पुरानी सीट पर मुख्यमंत्री से मुकाबला करने के लिए भगवा पार्टी एक विशेष रणनीति अपनाना चाहती है.

उन्हें ऐसे मजबूत चेहरे को मैदान में उतारना होगा जो ना सिर्फ गहलोत को चुनौती दे बल्कि वहां का राजनीतिक समीकरण भी बदल दे. सीधा सा उद्देश्य यह है कि चुनौती मिलने पर गहलोत अपनी सीट पर अधिक ध्यान देंगे और राज्य की बाकी सीटों पर चुनाव प्रचार पर कम. यह रणनीति उन्हें अपनी सीट से चिपकाए रखेगी. सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान जोधपुर के पूर्व राजघराने के संपर्क में है. हाल ही में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोधपुर दौरे पर गए थे तो पूर्व राजपरिवार के सदस्य गज सिंह ने भी एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था. सूत्रों के मुताबिक, मोदी और गज सिंह के बीच 15-20 मिनट तक आमने-सामने मुलाकात हुई. माना जा रहा है कि इस विधानसभा चुनाव में मारवाड़ में भाजपा को समर्थन देने की बात चल रही थी. भाजपा आलाकमान चाहता है कि इसी चुनाव में पूर्व राजपरिवार का कोई सदस्य राजनीति में सक्रिय हो. हालांकि, पूर्व राजपरिवार ने अभी तक इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है. यह भी पढ़ें : राजस्थान पुलिस ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से 200 करोड़ रुपये के ‘मुफ्त उपहार’ जब्त किए

सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों भाजपा ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से सरदारपुरा सीट से चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा की थी, लेकिन बात नहीं बनी और पार्टी गहलोत से मुकाबले के लिए किसी ताकतवर नेता की तलाश जारी रखे हुए है. इसके अलावा सचिन पायलट के कारण कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले टोंक में भी भाजपा को फिलहाल कोई मजबूत स्थानीय नेता नहीं मिल पा रहा है. भाजपा ने पायलट के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए क्षेत्र से लोकसभा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया को भी शामिल करने की कोशिश की थी, लेकिन फिर भी बात नहीं बनी. अब टोंक सीट के लिए दक्षिणी दिल्ली से सांसद और गुर्जर नेता रमेश बिधूड़ी का नाम चर्चा में है. हालाँकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वह राजस्थान से चुनाव लड़ेंगे या नहीं, हालाँकि उन्हें अक्सर पार्टी के लिए पूर्वी राजस्थान में प्रचार करते देखा गया है.

पूर्व विधायक अजीत मेहता का नाम भी उछल रहा है. पिछली बार पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का टिकट अंतिम समय में उनके करीबी यूनुस खान को दिया गया था. गौरतलब है कि खान एकमात्र मुस्लिम थे जिन्हें पार्टी ने टिकट दिया था, हालांकि वह चुनाव हार गए. सूत्रों ने बताया कि इस बार पार्टी ने किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है, इसका कारण यह है कि पार्टी का मूल एजेंडा हिंदुत्व है. इस बीच, मेहता, जो आरएसएस के करीबी हैं, कतार में हैं. टोंक और सरदारपुरा से कौन चुनाव लड़ेगा यह भाजपा के लिए अब लाख टके का सवाल है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 28, 2023 02:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).