Bihar Flood Update: बिहार में बाढ़ से हाहाकार: पटना में गंगा ने तोड़ा रिकॉर्ड, 12 जिलों के 22 लाख से अधिक लोग प्रभावित
बिहार में गंगा, कोसी और गंडक समेत प्रमुख नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी ने उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. राज्य के 12 जिलों में 22 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है.
Bihar Flood Update: बिहार में लगातार हो रही बारिश और पड़ोसी राज्यों तथा नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से आए पानी के कारण बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है. गंगा, कोसी, गंडक, पुनपुन और बागमती जैसी प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. राज्य के पटना, वैशाली, भागलपुर, भोजपुर और सारण सहित 12 जिलों की 22 लाख से अधिक आबादी जलप्रलय की चपेट में है. राजधानी पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी ने अपने अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) के रिकॉर्ड को भी पार कर दिया है.
पटना में गंगा नदी ने तोड़ा उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया, जिसने वर्ष 2016 में बने 50.52 मीटर के उच्चतम रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. इसके अलावा हाथीदह, बक्सर, मुंगेर, कहलगांव और भागलपुर में भी गंगा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है. निचले और दियारा (नदी तटीय) इलाकों में पानी घुसने से हजारों घर जलमग्न हो गए हैं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं. यह भी पढ़े: बिहार में बाढ़ से तबाही: 12 जिलों में 22 लाख से अधिक आबादी प्रभावित, सरकार पर बढ़ेगा सैकड़ों करोड़ का आर्थिक बोझ
12 जिलों में 22 लाख से अधिक आबादी प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ का सबसे अधिक असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, मुंगेर, लखीसराय, अरवल, बक्सर, कटिहार और भागलपुर जिलों में देखा जा रहा है. सैकड़ों पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालयों से टूट गया है. कई स्थानों पर सड़कों और रेल पटरियों पर पानी आ जाने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है, जिसके चलते पूर्व मध्य रेलवे ने पटना-गया रेल खंड सहित कुछ रूटों पर ट्रेनों का परिचालन रद्द या परिवर्तित किया है.
बचाव और राहत कार्य तेज, NDRF और SDRF की टीमें तैनात
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 10 और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 27 टीमों को तैनात किया गया है. जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए 1,400 से अधिक सरकारी और निजी नौकाओं का उपयोग किया जा रहा है. प्रभावित लोगों के भोजन के लिए जगह-जगह सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) संचालित की जा रही हैं और स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं.
प्रशासन हाई अलर्ट पर, मुख्यमंत्री ने लिया जायजा
राज्य सरकार ने सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को हाई अलर्ट पर रहने और तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है.