BHAVYA Scheme: केंद्र सरकार ने शुरू की 33,660 करोड़ रुपये की 'भव्या' योजना, देशभर में बनेंगे वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल पार्क
सरकार ने कहा है कि 100 इंडस्ट्रियल पार्कों में से 20 पार्क ऐसे हो सकते हैं जिनका क्षेत्रफल 500 से 1000 एकड़ के बीच होगा. यदि कोई एजेंसी चरणबद्ध तरीके से इससे बड़े पार्क विकसित करना चाहती है, तो फंडिंग अधिकतम 1000 एकड़ तक ही सीमित रहेगी. योजना के तहत आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे.
BHAVYA Scheme: केंद्र सरकार ने देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए 33,660 करोड़ रुपये की भव्या केंद्रीय योजना के तहत इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सरकार ने इस योजना के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर वाले 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे. सरकार ने बताया कि योजना के पहले चरण में 50 परियोजनाओं का चयन किया जाएगा. इसके लिए चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी. Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहन योजना के लंबित e-KYC पर महाराष्ट्र सरकार का स्पष्टीकरण, जानें अब क्या होंगे नियम
पहले चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जून से शुरू होकर 31 जुलाई तक चलेगी. इस दौरान करीब 20 प्रस्तावों के चयन की संभावना है. वहीं दूसरे चरण के लिए आवेदन विंडो 1 अगस्त से 30 सितंबर तक खुली रहेगी. जिन आवेदकों के प्रस्ताव पहले चरण में चयनित नहीं होंगे, वे जरूरी सुधारों के साथ दोबारा आवेदन कर सकेंगे.
इस योजना का मुख्य उद्देश्य निवेश के लिए तैयार विश्वस्तरीय औद्योगिक ढांचा तैयार करना है, ताकि निवेशकों को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने में आसानी हो और देश की उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी हो सके. यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक कुल छह वर्षों के लिए लागू रहेगी.
सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक गैर-पहाड़ी राज्यों में इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने के लिए कम से कम 100 एकड़ लगातार जमीन होना अनिवार्य होगा. हालांकि दो अलग-अलग लेकिन जुड़े हुए भूखंड, जिनमें प्रत्येक का क्षेत्रफल कम से कम 100 एकड़ हो और दोनों के बीच दूरी 2 किलोमीटर से ज्यादा न हो, उन्हें भी मान्यता दी जा सकती है.
वहीं पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और एक करोड़ से कम आबादी वाले राज्यों के लिए न्यूनतम जमीन की सीमा 25 एकड़ तय की गई है. इसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम, गोवा और कई केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं.
सरकार ने कहा है कि 100 इंडस्ट्रियल पार्कों में से 20 पार्क ऐसे हो सकते हैं जिनका क्षेत्रफल 500 से 1000 एकड़ के बीच होगा. यदि कोई एजेंसी चरणबद्ध तरीके से इससे बड़े पार्क विकसित करना चाहती है, तो फंडिंग अधिकतम 1000 एकड़ तक ही सीमित रहेगी. योजना के तहत आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे. प्रत्येक इंडस्ट्रियल पार्क के लिए अलग आवेदन देना होगा और उसके साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जमा करनी होगी.
सभी प्रस्तावों की जांच निर्धारित पात्रता और मूल्यांकन मानकों के आधार पर की जाएगी. चयनित प्रस्तावों की विस्तृत रिपोर्ट की समीक्षा के बाद राष्ट्रीय स्तर की चयन समिति अंतिम मंजूरी देगी. सरकार का मानना है कि भव्या योजना से देश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे.