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Fact Check: क्या लेबर रजिस्ट्रेशन कराने पर सरकार दे रही ₹7,000? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का PIB ने बताया सच

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार श्रमिक रजिस्ट्रेशन कराने पर नागरिकों के बैंक खातों में सीधे ₹7,000 की नकद राशि जमा करा रही है. प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे की पड़ताल कर इसे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया है.

Fact Check: क्या लेबर रजिस्ट्रेशन कराने पर सरकार दे रही ₹7,000? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का PIB ने बताया सच

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर सरकारी योजनाओं के नाम पर वित्तीय लाभ का वादा करने वाले फर्जी दावों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में प्रसारित एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार लेबर रजिस्ट्रेशन (श्रमिक पंजीकरण) कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मुफ्त में ₹7,000 की नकद वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर रही है.

सरकारी एजेंसी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस वायरल वीडियो और दावे की जांच की है, जिसमें यह दावा पूरी तरह से फर्जी (Fake) और निराधार पाया गया है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या सरकार खरीद रही है पुराने नोट और सिक्के? पीएम मोदी के नाम से वायरल वीडियो का PIB ने खोला सच

सोशल मीडिया पर क्या किया जा रहा था दावा?

विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किए जा रहे वीडियोज में दर्शकों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि सरकार ने मजदूरों और कामगारों के लिए एक विशेष प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजना शुरू की है.

वीडियो में दावा किया गया कि जो भी नागरिक पोर्टल पर जाकर लेबर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करेगा, उसे केंद्र सरकार की ओर से एकमुश्त ₹7,000 की राशि दी जाएगी. इस तरह के लुभावने दावों के जरिए आम लोगों को भटकाने और उनसे व्यक्तिगत डेटा जुटाने का प्रयास किया जा रहा था.

PIB फैक्ट चेक का आधिकारिक स्पष्टीकरण

पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर इस भ्रामक दावे का खंडन करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया:

"सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह दावा पूरी तरह फर्जी है कि केंद्र सरकार लेबर रजिस्ट्रेशन कराने पर बैंक खातों में ₹7,000 दे रही है. भारत सरकार द्वारा श्रमिक पंजीकरण के बदले किसी भी प्रकार की नकद धनराशि देने की ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है."

पीआईबी ने नागरिकों को सतर्क करते हुए सलाह दी है कि श्रम कानूनों, श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं और आधिकारिक पहलों से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (labour.gov.in) या ई-श्रम पोर्टल (eshram.gov.in) पर ही भरोसा करें.

PIB का कहना है कि यह दावा फर्जी है

फर्जी योजनाओं और साइबर ठगी से कैसे बचें?

इंटरनेट पर सरकारी सहायता के नाम पर अक्सर साइबर अपराधी लोगों के आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी चुराने की कोशिश करते हैं:

  • आधिकारिक पोर्टल पर ही सत्यापन करें: किसी भी सरकारी सब्सिडी या सहायता योजना की घोषणा की पुष्टि हमेशा संबंधित मंत्रालय की वेबसाइट या पीआईबी के आधिकारिक हैंडल (@PIBFactCheck) से करें.
  • अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी सोशल मीडिया वीडियो या व्हाट्सएप मैसेज में दिए गए संदिग्ध रजिस्ट्रेशन लिंक पर अपनी वित्तीय व व्यक्तिगत जानकारी दर्ज न करें.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 01, 2026 05:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).