Rahul Gandhi Rally In Prayagraj: 'हर 1000 युवाओं में सिर्फ 12 को मिलती है पक्की नौकरी', बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि अब कॉरपोरेट सेक्टर की नौकरियां भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण प्रभावित हो रही हैं. उन्होंने कहा, "IT, बैक ऑफिस, ट्रांसक्रिप्शन और सॉफ्टवेयर जैसी नौकरियां, जहां पहले भारतीय युवाओं को रोजगार मिलता था, अब AI और डेटा के इस्तेमाल से खतरे में हैं."
Rahul Gandhi Rally In Prayagraj: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में केंद्र सरकार पर बेरोजगारी को लेकर तीखा हमला बोला. छात्रों की बड़ी सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में हर 1000 युवाओं में से केवल 12 को ही स्थायी नौकरी मिल पाती है. Rahul Gandhi Rally In Prayagraj: 'दर्द, डेटा और दौलत' के सहारे राहुल गांधी ने साधा केंद्र पर निशाना, प्रयागराज की 'छात्रों की गूंज' रैली में उठाए रोजगार और पेपर लीक के मुद्दे (Video)
राहुल गांधी ने कहा, "मैं आपको आंकड़े बताता हूं. हर 1000 युवाओं में सिर्फ 12 को स्थायी नौकरी मिलती है." उन्होंने आरोप लगाया कि देश के युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें सोशल मीडिया की लत में फंसाया जा रहा है.
'युवाओं का डेटा बड़ी कंपनियों को दिया जा रहा है'
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं का डेटा बड़ी कंपनियों के पास पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा, "आपका डेटा आपसे लेकर जियो, अडानी, फेसबुक और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों को दे दिया जाता है. आपको रील्स देखने, व्हाट्सएप चलाने और इंस्टाग्राम पर कंटेंट बनाने की आदत डाली जा रही है. यह 21वीं सदी का नया नशा है. इसके बाद युवाओं से कहा जाता है कि Blinkit, Uber जैसी कंपनियों में काम करो या मजदूरी करो. लेकिन इस देश में आपको अच्छी नौकरी नहीं मिलती."
'40 करोड़ युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत'
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के 40 करोड़ युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया चीन, अमेरिका और रूस की बात करती है, लेकिन 21वीं सदी में भारत के युवाओं की क्षमता सबसे अधिक है.
उन्होंने कहा, "21वीं सदी की अर्थव्यवस्था दो चीजों पर चलेगी. पहली युवाओं की क्षमता और दूसरी डेटा. भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा युवा वर्ग है और सबसे ज्यादा डेटा भी. हर भारतीय रोजाना करीब 1 जीबी डेटा इस्तेमाल करता है. आने वाले समय की अर्थव्यवस्था युवाओं और डेटा पर आधारित होगी."
राहुल गांधी ने प्रयागराज में 'छत्रों की गूंज' रैली को संबोधित किया:
LIVE: LoP Shri @RahulGandhi | Chhatron Ki Goonj | Prayagraj, Uttar Pradesh https://t.co/lmdLurllIy
— Congress (@INCIndia) August 8, 2026
'मेक इन इंडिया नहीं, हर जगह मेड इन चाइना दिखता है'
राहुल गांधी ने रोजगार के पहले रास्ते के रूप में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "आज दुनिया में 'Made in China', 'Made in Vietnam' और 'Made in Bangladesh' दिखाई देता है, लेकिन 'Made in India' नहीं दिखता. नोटबंदी और गलत GST ने देश की मैन्युफैक्चरिंग व्यवस्था को बर्बाद कर दिया. छोटे कारोबार, लेदर, टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल उद्योग प्रभावित हुए. रोजगार का पहला दरवाजा बंद हो चुका है."
'Startup India आम युवाओं के लिए सफल नहीं'
राहुल गांधी ने कहा कि स्टार्टअप शुरू करने के लिए सबसे जरूरी बैंक लोन होता है, लेकिन आम छात्रों और छोटे कारोबारियों को बैंक आसानी से कर्ज नहीं देते. उन्होंने कहा, "Startup India की सबसे बड़ी जरूरत बैंक लोन है. लेकिन भारत के बैंक छात्रों और छोटे कारोबारियों को एक रुपया तक देने को तैयार नहीं होते. 90 प्रतिशत छोटे और मध्यम उद्योगों को बैंक से कर्ज नहीं मिलता. उद्यमिता का दूसरा दरवाजा भी बंद हो गया है."
सरकारी नौकरियों में पेपर लीक का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा, "सरकारी नौकरी का तीसरा दरवाजा भी पेपर लीक और भ्रष्टाचार की वजह से बंद हो चुका है. 150 युवाओं में सिर्फ एक को सरकारी नौकरी मिलती है." उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण हुआ है.
राहुल गांधी ने कहा, "पहले पब्लिक सेक्टर में लाखों युवाओं को रोजगार मिलता था. लेकिन सरकारी स्कूल, सरकारी अस्पताल और कई सार्वजनिक कंपनियों का निजीकरण कर दिया गया. BSNL जैसी कंपनियां भी बेच दी गईं."
AI से कॉरपोरेट नौकरियों पर भी खतरे का दावा
राहुल गांधी ने कहा कि अब कॉरपोरेट सेक्टर की नौकरियां भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण प्रभावित हो रही हैं. उन्होंने कहा, "IT, बैक ऑफिस, ट्रांसक्रिप्शन और सॉफ्टवेयर जैसी नौकरियां, जहां पहले भारतीय युवाओं को रोजगार मिलता था, अब AI और डेटा के इस्तेमाल से खतरे में हैं."
'नफरत नहीं, प्यार से बदलेंगे व्यवस्था'
अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने युवाओं से शांति और अहिंसा का रास्ता अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा, "हम नफरत और हिंसा के रास्ते पर नहीं चलेंगे. हिंदुस्तान की संस्कृति सत्य और अहिंसा की है. किसी भी छात्र के मन में नफरत नहीं, बल्कि प्यार होना चाहिए. हम इस भ्रष्ट व्यवस्था को प्यार और भाईचारे से बदलेंगे. मैं अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हर युवा के साथ हूं और आगे भी उनके साथ खड़ा रहूंगा."
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 08, 2026 10:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

