Bharat Bandh: कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का 'भारत बंद' आज, विपक्षी पार्टियों का भी हैं समर्थन, यहां पढ़ें क्या खुला रहेगा और क्या बंद
कृषि कानूनों के विरोध में किसान नेता अपने जिद पर अड़े हुए हैं कि जब तक सरकार इस काले कानून को वापस नहीं ले लेगी, तब तक उनका यह आंदोलन चलता रहेगा. किसान नेता अपने इस जिद पर एक बार फिर सोमवार यानी आज भारत बंद (Bharat Bandh) का ऐलान किया है.
नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) द्वारा लाये गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का धरना-प्रदर्शन पिछले करीब दस महीनों से जारी हैं. इस बीच किसान नेता और सरकार के बीच कई बार वार्ता हुई. लेकिन बीच का रास्ता नहीं निकल सका. क्योंकि सरकार जहां इस कानून को वापस नहीं लेना चाहती हैं. वहीं किसान नेता अपने जिद पर अड़े हुए हैं कि जब तक सरकार इस काले कानून को वापस नहीं ले लेगी, तब तक उनका यह आंदोलन चलता रहेगा. किसान नेता अपने इस जिद पर एक बार फिर सोमवार यानी आज भारत बंद (Bharat Bandh) का ऐलान किया है.
भारत बंद में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व के तहत 40 से ज्यादा किसान संगठनों का समर्थन हैं. किसानों का भारत बंद आह्वान सुबह 06 बजे से शाम 04 बजे तक किया गया है. विपक्षी दलों में कांग्रेस, आरजेडी, समाजवादी पार्टी, बीएसपी, आम आदमी पार्टी, माकपा से लेकर एनसीपी और टीएमसी सरीखे विपक्षी दलों ने किसान संगठनों का किसानों द्वारा बुलाये गए भारत बंद का समर्थन हैं. विपक्षी पार्टियों में कुछ पार्टियों ने सरकार के विरोध में सड़क पर भी उतरने की बात कही हैं. यह भी पढ़े: Kisan Mahapanchayat: कृषि कानूनों को लेकर किसानों का आंदोलन होगा और उग्र, 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान
यहां पढ़े क्या खुला रहेगा
- हॉस्पिटल, केमिस्ट शॉप, एंबुलेंस सेवा समेत अन्य मेडिकल से जुड़ी सारी सेवाएं खुली रहेंगी.
- दमकल विभाग, व्यक्तिगत इमरजेंसी जैसी किसी भी घटना से जुड़े कार्यक्रमों और कामों को नहीं रोका जाएगा.
- कोविड-19 से जुड़ी किसी भी सर्विस को बाधित नहीं किया जाएगा.
- भारत बंद के दौरान अगर किसी स्टूडेंट्स को परीक्षा या इंटरव्यू के लिए जाना है तो उसे भी नहीं रोका जाएगा.
ये सभी रहेंगे बंद
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- केंद्र और राज्य सरकार के सभी ऑफिस और संस्थाएं.
- बाजार, दुकान और उद्योग
- स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और सभी तरह के एजुकेशनल इंस्टीट्यूट
- हर तरह के सार्वजनिक यातायात और निजी वाहन
- किसी भी तरह के सरकारी या गैर सरकारी सार्वजनिक कार्यक्रम
भारत बंद में किसानों की तरफ से श्रमिक संघों, ट्रेड यूनियन, कर्मचारियों और छात्र संघ, महिला संगठन और ट्रांसपोर्टरों के समर्थन की बात कही हैं. यानी किसानों के भारत बंद बुलाने के चलते आज लोगों को जहां ट्रैफिक की समस्या से परेशान होना पड़ सकता है. वहीं कही आने-जाने के लिए लोगों को दिक्कत भी हो सकती हैं.
किसानों द्वारा बुलाये गए इस भारत बंद का ज्यादा असर दिल्ली के आसपास के इलाकों के साथ ही पंजाब, हरियाणा में देखने को मिलेगा. हालांकि किसान संगठनों ने कहा है कि वे दिल्ली के अंदर जाकर तो विरोध नहीं करेंगे, लेकिन सीमाओं पर रोड ब्लाक जरूर करेंगे. वहीं भारत बंद के चलते अलग-अलग राज्यों में होने वाले किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राज्यों की पुलिस ने भी अपनी कमर कस ली है. ताकि कानून व्यवस्था बिगड़ने ना पाए.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 26, 2021 11:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

