Maharashtra Food Safety: महाराष्ट्र में खुले और बिना पैक पिसे मसालों की बिक्री पर रोक; FDA का कड़ा आदेश, केवल सीलबंद और FSSAI प्रमाणित पैकेट ही बिकेंगे

खाद्य पदार्थों में मिलावट और हानिकारक रसायनों के उपयोग पर नकेल कसते हुए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने पूरे राज्य में खुले व बिना पैकेजिंग वाले पिसे मसालों और मिश्रित मसालों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा जारी सख्त निर्देश के अनुसार, हल्दी, मिर्च, धनिया, जीरा और गरम मसाला सहित सभी पिसे मसालों को अब उत्पादन स्थल पर ही सीलबंद पैक करना अनिवार्य होगा.

Maharashtra FDA Tukaram Mundhe (Photo Credits: ANI)

मुंबई: त्योहारी सीजन के बीच उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी पर रोकथाम के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्यभर में खुले, अनपैक और ढीले पिसे मसालों तथा गरम मसालों की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है.

खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अब मसाला कारोबार से जुड़ी हर इकाई—चाहे वह विनिर्माता हो, चक्की संचालक, थोक विक्रेता, खुदरा दुकानदार, ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म या होटल-कैटरर्स हों—को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI Act) के नियमों का अक्षरशः पालन करना होगा.

किन-किन मसालों पर लागू होगा यह आदेश?

द फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रतिबंध दैनिक उपयोग में आने वाले लगभग सभी प्रमुख मसालों पर प्रभावी होगा:

लेबलिंग और FSSAI लाइसेंस के कड़े नियम

नियामक ने पैकेज्ड मसालों के लिए लेबलिंग दिशा-निर्देशों को और सख्त कर दिया है. बाजार में बिकने वाले प्रत्येक पैकेट पर निम्नलिखित जानकारियां स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए:

सिर्फ ट्रेड लाइसेंस मान्य नहीं: एफडीए ने स्पष्ट किया है कि केवल स्थानीय नगर निकाय का सामान्य ट्रेड लाइसेंस लेकर मसालों की व्यावसायिक पिसाई या बिक्री नहीं की जा सकती; इसके लिए एफएसएसएआई से विधिवत पंजीकरण या विनिर्माण लाइसेंस लेना अनिवार्य है. इसके अलावा, बिना वैज्ञानिक और प्रामाणिक परीक्षण के पैकेट पर '100% शुद्ध', 'प्राकृतिक' या 'ऑर्गेनिक' जैसे भ्रामक दावे करने पर भी रोक लगाई गई है.

मिलावट और खतरनाक रसायनों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रयोगशाला जांच में खुले मसालों में प्रतिबंधित कृत्रिम रंगों और हानिकारक तत्वों की मौजूदगी पाए जाने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है:

स्वच्छता और कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप के निर्देश

एफडीए ने मसाला निर्माण इकाइयों के लिए परिचालन मानकों (SOPs) को भी कड़ा कर दिया है:

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