Babita Pandey Missing Case: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई 24 वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे पिछले छह दिनों से लापता हैं. उनकी तलाश के लिए प्रशासन ने एक व्यापक खोज और बचाव अभियान शुरू किया है. विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के 150 से अधिक जवानों को इस सर्च ऑपरेशन में तैनात किया गया है. मूल रूप से नैनीताल की रहने वाली बबीता अपने दो दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर आई थीं. बबीता के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने उनके दोनों दोस्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है.
पुलिस को जांच के दौरान रायथल गांव के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिसमें बबीता को उनके दोस्तों के साथ आखिरी बार देखा गया था. उत्तरकाशी की पुलिस अधीक्षक (SP) कमलेश उपाध्याय ने पुष्टि की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों दोस्तों से गहन पूछताछ की जा रही है.
दोस्तों के साथ आई थीं ट्रेकिंग पर, कैंप से हुईं लापता
बबीता पांडे अपने दो दोस्तों—ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) के हरमनपाल सिंह और शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश) के हरमनप्रीत सिंह के साथ उत्तरकाशी आई थीं. यह समूह 25 मई को देहरादून पहुंचा था, जिसके बाद वे हर्षिल, गंगोत्री और आसपास के पर्यटन स्थलों पर गए. 28 मई को वे रायथल गांव पहुंचे, जहां वे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए थे.
अगले दिन तीनों ने रायथल से दयारा बुग्याल के लिए अपनी ट्रेकिंग शुरू की और रात में गोई (Goi) बेस कैंप में रुके. बताया जा रहा है कि बबीता आधी रात के करीब कैंपसाइट से रहस्यमय तरीके से लापता हो गईं. अगली सुबह उनका कोई सुराग न मिलने पर हड़कंप मच गया.
150 सदस्यीय टीम, ड्रोन और गोताखोर तैनात
लापता छात्रा को ढूंढने के लिए भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF), स्थानीय पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें जुटी हुई हैं. घने जंगलों, ट्रेकिंग रूटों और गुफाओं की जांच के लिए खोजी कुत्तों और ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है.
इसके अलावा गोई कैंपसाइट के पास स्थित एक झील में खोजबीन के लिए छह सदस्यीय गोताखोरों की टीम को भी तैनात किया गया है. पुलिस ने बबीता की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए जनता से मदद की अपील की है. किसी भी तरह की जानकारी होने पर पुलिस हेल्पलाइन नंबरों 01374-222116, 9411112863, या 8193990347 पर संपर्क किया जा सकता है.
ट्रेकिंग एजेंसी का फर्जीवाड़ा आया सामने, रजिस्ट्रेशन सस्पेंड
इस मामले ने उस वक्त एक गंभीर मोड़ ले लिया जब जांच में परमिट धोखाधड़ी का खुलासा हुआ. जांच में पता चला कि 'प्रो माउंटेन' (Pro Mountain) नाम की ट्रेकिंग एजेंसी ने बबीता और उनके साथियों को फर्जी परमिट पर ट्रेक पर भेजा था. इसके बाद जिला प्रशासन ने एजेंसी का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
उत्तरकाशी के जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी ने पुष्टि की कि 'एक्सप्लोर उत्तरकाशी' (Explore Uttarkashi) पोर्टल पर इस समूह के लिए कोई वैध डिजिटल परमिट जारी नहीं किया गया था. दयारा बुग्याल में प्रतिदिन केवल 150 ट्रेकर्स की सीमा तय है. इस सरकारी नियम को बायपास करने के लिए एजेंसी ने एक पुराने एक्सपायर हो चुके फिजिकल परमिट पर इन तीनों के नाम चिपका दिए थे. जब चेकपोस्ट पर इस परमिट के क्यूआर (QR) कोड को स्कैन किया गया, तो उसमें पुराने ट्रेकर्स का डेटा सामने आया, जिसके कारण शुरुआती जांच और एजेंसी की पहचान करने में देरी हुई.
पुलिस इस समय ट्रेकिंग गाइडों और एजेंसी के सहयोगियों से भी पूछताछ कर रही है. साथ ही मामले में किसी व्यक्तिगत विवाद या आपसी रंजिश के कोण से भी जांच की जा रही है.













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