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ये 5 नए प्रोडक्ट्स लेकर आए बाबा रामदेव, दिवाली से मार्केट में मिलेगा पतंजलि का कपड़ा

लोगों के रोजमर्रा से जुड़ी वस्तुओं के कारोबार में अपना लोहा मनवा चुकी योगगुरु बाबा रामदेव की पतंजलि ने गुरुवार को पांच नए प्रोडक्ट्स लांच किए. इनमें डेयरी प्रोडक्ट्स, मवेशी चारा, फ्रोजन सब्जी, सोलर पैनल, पीने का फिल्टर पानी शामिल है.

ये 5 नए प्रोडक्ट्स लेकर आए बाबा रामदेव, दिवाली से मार्केट में मिलेगा पतंजलि का कपड़ा
बाबा रामदेव (Photo Credits: IANS)

नई दिल्ली: लोगों के रोजमर्रा से जुड़ी वस्तुओं के कारोबार में अपना लोहा मनवा चुकी योगगुरु बाबा रामदेव की पतंजलि ने गुरुवार को पांच नए प्रोडक्ट्स लांच किए. इनमें डेयरी प्रोडक्ट्स, मवेशी चारा,  फ्रोजन सब्जी, सोलर पैनल, पीने का फिल्टर पानी शामिल है. कंपनी डेयरी प्रोडक्ट्स के तहत गाय का दूध, दही, छाछ और पनीर बेचेगी. जिसके बाद पतंजलि की सभी दुकानों पर दूध, दही, छाछ, पनीर उपलब्ध होगा. वहीं इस दौरान बाबा रामदेन ने इसी साल दिवाली पर पतंजलि के कपड़े के प्रोडक्ट लॉन्च करने की घोषणा भी कर डाली.

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से बाबा रामदेव ने खुद सभी उत्पादों को लांच किया. इस मौके पर उनके सहयोगी और पतंजलि आयुर्वेद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आचार्य बालकृष्ण भी मौजूद थे. रामदेव के प्रवक्ता के मुताबिक सभी उत्पादों को पतंजलि के बड़े अभियान समर्थ भारत स्वस्थ भारत के अंतर्गत लांच किया गया है.

बाबा रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि ने इसी साल अपने कारोबार का विस्तार करते हुए कई दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों से हाथ मिलाया था. पतंजलि ने अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए प्रमुख ई-रिटेलरों और एग्रीगेटरों के साथ भागीदारी की घोषणा की थी, जिसमें अमेजन इंडिया, फ्लिपकार्ट, बिग बास्केट, ग्रोफर्स, 1एमजी, नेटमेड्स, शॉपक्लूज और पेटीएम मॉल शामिल हैं.

पतंजलि की सालाना उत्पादन क्षमता 50,000 करोड़ रुपये मूल्य की है. पतंजलि के सबसे ज्यादा प्रोडक्ट्स हरिद्वार और तेजपुर में तैयार किए जाते है. इसके अलावा नोएडा, नागपुर और इंदौर में भी नई इकाइयां शुरू होनेवाली हैं, जिनका काम तेजी से जारी है. कंपनी के मुताबिक, पतंजलि के स्वदेशी उत्पादों का संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, कनाडा, यूरोप, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीकी देशों को निर्यात किया जाता है.

पतंजलि के कपड़ें अलसी से बनाए हुए लिनेन के हो सकते है. आचार्य बालकृष्ण ने इसके लिए पिछले साल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के विकसित हर्बल गार्डन का भ्रमण किया. बालकृष्ण ने अलसी के पौधे के रेशे से लिनेन कपड़े के निर्माण की औद्योगिक संभावनाओं के संबंध में कपड़ा राज्य मंत्री अजय टमटा से फोन पर चर्चा भी की थी. इसके अलाव इस दिशा में केन्द्र शासन से आवश्यक सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 13, 2018 02:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).