अयोध्या पर फैसले से पहले सोशल मीडिया मैसेज और पोस्टर पर लगी रोक, 28 दिसंबर तक प्रतिबंध लागू
यह आदेश 28 दिसंबर, 2019 तक लागू रहेगा. डीएम के आदेश के बाद कोई भी अयोध्या विवाद, राम मंदिर या बाबरी मस्जिद से जुड़ा मैसेज न तो सोशल मीडिया पर शेयर कर पाएगा और न ही इससे जुड़ा कोई पोस्टर लगाया जाएगा.
अयोध्या: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है. देश को अब फैसले का इंतजार है. अयोध्या विवाद में फैसला कभी भी आ सकता है. अयोध्या के जिला अधिकारी अनुज कुमार झा (DM Anuj Kumar Jha) ने अयोध्या (Ayodhya) भूमि मामले आने वाले फैसले के मद्देनजर, अयोध्या भूमि मामले पर सोशल मीडिया संदेशों और पोस्टर पर प्रतिबंध लगा दिया है. डीएम के मुताबिक, इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ सकता है. यह आदेश 28 दिसंबर, 2019 तक लागू रहेगा. डीएम के आदेश के बाद कोई भी अयोध्या विवाद, राम मंदिर या बाबरी मस्जिद से जुड़ा मैसेज न तो सोशल मीडिया पर शेयर कर पाएगा और न ही इससे जुड़ा कोई पोस्टर लगाया जाएगा.
अयोध्या मामले पर फैसले की घड़ी नजदीक आने के साथ ही यूपी पुलिस भी अपनी तैयारियां कर चुकी है. राज्य में कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं. यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) ने कहा है कि किसी भी हालत में किसी को कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Act) के तहत कार्रवाई की जाएगी.
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सोशल मीडिया मैसेज और पोस्टर पर प्रतिबंध-
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि अयोध्या मामले के फैसले को लेकर सतर्कता बरती जा रही है, सभी डीएम और एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे पूरी मशीनरी चुस्त-दुरुस्त रखें और जनता से संपर्क बनाकर रखें. बता दें कि अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है. अगले कुछ दिनों में सुप्रीम कोर्ट इस विवाद पर अपना फैसला सुना सकता है.