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अयोध्या फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर कर सकते हैं मुस्लिम पक्षकार

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्षकार सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद अब क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने पर विचार कर रहे हैं. क्यूरेटिव पिटीशन, न्यायालय में शिकायतों के निवारण के लिए उपलब्ध अंतिम न्यायिक सहारा है, जिस पर फैसला आम तौर पर जजों के चैंबर में किया जाता है.

अयोध्या फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर कर सकते हैं मुस्लिम पक्षकार
सुप्रीम कोर्ट (Photo Credits: PTI/File Image)

लखनऊ. राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्षकार सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद अब क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने पर विचार कर रहे हैं. क्यूरेटिव पिटीशन, न्यायालय में शिकायतों के निवारण के लिए उपलब्ध अंतिम न्यायिक सहारा है, जिस पर फैसला आम तौर पर जजों के चैंबर में किया जाता है.

मामले में एक स्वतंत्र वादी, जमीयत उलमा-ए-हिंद (जेयूएच), जल्द ही इस पर फैसला लेने के लिए एक बैठक बुलाएगा. अखिल भारतीय बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी (एआईबीएमएसी) भी एक क्यूरेटिव पिटीशन की संभावना पर चर्चा कर रही है.

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में एआईबीएमएसी के संयोजक और वकील जफरयाब जिलानी ने कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट में एक क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने के लिए एक आधार का पता लगाने की कोशिश कर रहा हूं। हम वरिष्ठ वकील राजीव धवन से भी सलाह लेंगे और अगर थोड़ी भी संभावना दिखी, तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) से संपर्क किया जाएगा." यह भी पढ़े-अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा- सभी समीक्षा याचिकाओं को खारिज करने से हम दुखी

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अदालत ने उनकी पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करने पर भी विचार नहीं किया.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 15, 2019 05:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).