COVID-19: एशियाई देशों बढ़ रहे कोरोना के केस भारत के लिए खतरे की घंटी? जानें स्वास्थ्य अधिकारियों ने क्या कहा
एशिया के कुछ देशों में एक बार फिर कोविड-19 मामलों में तेज़ी देखने को मिल रही है. खासकर सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड जैसे देशों में केस बढ़ने से चिंता की लहर दौड़ गई है. लेकिन भारत में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि देश की स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है.
नई दिल्ली: एशिया के कुछ देशों में एक बार फिर कोविड-19 मामलों में तेज़ी देखने को मिल रही है. खासकर सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड जैसे देशों में केस बढ़ने से चिंता की लहर दौड़ गई है. लेकिन भारत में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि देश की स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है. हाल ही में सिंगापुर में एक सप्ताह के भीतर 14,000 से अधिक नए COVID केस दर्ज किए गए. हांगकांग और थाईलैंड में भी मामलों में अचानक उछाल देखा गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि Omicron का नया वेरिएंट JN.1 और इसके उप-वेरिएंट LF.7 व NB.1.8 इस लहर के पीछे हैं. ये वेरिएंट पहले भी सामने आ चुके हैं और WHO ने इन्हें ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ के रूप में चिन्हित किया है.
COVID-19: एशिया में कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, कितना खतरनाक है JN.1 वैरिएंट? यहां जानें सबकुछ.
भारत में कोरोना की स्थिति: सिर्फ 257 एक्टिव केस
भारत सरकार ने 19 मई 2025 को एक समीक्षा बैठक की, जिसमें राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), ICMR, आपातकालीन चिकित्सा राहत (EMR), आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ और केंद्रीय सरकारी अस्पतालों के विशेषज्ञ शामिल हुए. बैठक में बताया गया कि भारत में इस समय सिर्फ 257 सक्रिय कोविड केस हैं और इन सभी में लक्षण बेहद हल्के हैं, किसी को अस्पताल में भर्ती करने की ज़रूरत नहीं पड़ी है.
भारत के लिए खतरे की घंटी?
भारत में Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP) और ICMR के तहत एक मजबूत निगरानी तंत्र मौजूद है, जो लगातार सांस संबंधी बीमारियों की निगरानी करता है. अधिकारी मानते हैं कि फिलहाल भारत में स्थिति पूरी तरह काबू में है और कोई असामान्य गंभीरता या मृत्यु दर नहीं देखी गई है.
सतर्क रहना जरूरी
हालांकि स्थिति नियंत्रण में है, फिर भी विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए. खासकर, बुज़ुर्गों, पहले से बीमार लोगों और बच्चों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है. अगर बुखार, खांसी या साँस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
जहां एक तरफ सिंगापुर और थाईलैंड जैसे देशों में कोरोना के नए मामले चिंता बढ़ा रहे हैं, वहीं भारत में अब तक की स्थिति संतोषजनक है. सरकार सजग है, स्वास्थ्य ढांचा मजबूत है, और निगरानी व्यवस्था सक्रिय है. ऐसे में घबराने की नहीं, बल्कि सतर्कता की जरूरत है. अगर लोग मास्क, साफ-सफाई और सोशल दूरी जैसे मूल नियमों का पालन करते रहें, तो कोरोना को दोबारा हावी होने से रोका जा सकता है.