अमित शाह का बड़ा बयान, कहा- पीएम मोदी का विजन है कि कश्मीर भारत का लेने वाला नहीं, बल्कि देने वाला क्षेत्र बने
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी ही हैं, जिन्होंने फैसला किया कि आयुष्मान भारत योजना जहां, देश के अन्य हिस्सों में 5 लाख रुपये के चिकित्सा उपचार के लिए समाज के कमजोर वर्गों को अधिकार देती है, वही सुविधा जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक नागरिक के लिए उपलब्ध होनी चाहिए.
श्रीनगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का विजन केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) को देश का लेने वाला क्षेत्र नहीं, बल्कि देने वाला यानी दाता बनाना है. शाह ने शनिवार दोपहर श्रीनगर (Srinagar) में युवाओं की एक सभा से कहा, 5 अगस्त, 2019 से पहले, आजादी के 70 सालों ने जम्मू-कश्मीर को क्या दिया - 87 विधानसभा (Vidhan Sabha), 6 लोकसभा (Lok Sabha) सीटें और तीन परिवार. शाह ने कहा, मुझे उन परिवारों के नाम बताने की जरूरत नहीं है. Jammu-Kashmir: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान, कहा- एक दिन ऐसा ज़रूर आएगा जब कश्मीर भारत के विकास के लिए योगदान करेगा
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी ही हैं, जिन्होंने फैसला किया कि आयुष्मान भारत योजना जहां, देश के अन्य हिस्सों में 5 लाख रुपये के चिकित्सा उपचार के लिए समाज के कमजोर वर्गों को अधिकार देती है, वही सुविधा जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक नागरिक के लिए उपलब्ध होनी चाहिए.
शाह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि जम्मू-कश्मीर देश के लेने वाले क्षेत्र के बजाय एक दाता बनना चाहिए. उन्होंने कहा, 2019 तक 70 वर्षों के दौरान, केवल 500 मेडिकल सीटें उपलब्ध थीं और 2019 के बाद, यह संख्या बढ़कर 1,120 हो गई और जल्द ही दोगुनी हो जाएगी.
उन्होंने आगे कहा, 70 साल से 2019 तक ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि उन लोगों की विकास में दिलचस्पी नहीं थी, उन्होंने केवल राजनीति की. शाह ने कहा कि अधिकांश राष्ट्रीय प्रमुख कार्यक्रमों ने जम्मू-कश्मीर में अपने लक्ष्य हासिल कर लिए हैं. स्वच्छ भारत मिशन ने अपना पूरा लक्ष्य हासिल कर लिया है और आज जम्मू-कश्मीर के हर घर में शौचालय है.
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 100 फीसदी घरों में बिजली और एलपीजी कनेक्शन हैं. सुरक्षा स्थिति के बारे में बात करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति के खिलाफ सबसे ²ढ़ता से निपटा जाएगा. उन्होंने कहा, ऐसी ताकतों से किसी प्रकार की कोई रियायत नहीं बरती जाएगी.
उन्होंने कहा कि रोजगार प्रक्रियाओं को पूरी तरह से पारदर्शी बनाया गया है, जिसमें योग्यता ही रोजगार का एकमात्र रास्ता है. वृद्धावस्था पेंशन और अन्य वित्तीय सहायता योजनाएं अब सीधे बैंक हस्तांतरण के माध्यम से लागू की जाती हैं और इन योजनाओं में किसी बिचौलिए के हस्तक्षेप का कोई सवाल ही नहीं है. इससे पहले, एक शीर्ष सुरक्षा समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, अमित शाह ने विभिन्न सुरक्षा बलों से कहा कि वे पूर्ण तालमेल दिखाएं और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समाप्त करने के लिए प्रयास करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 23, 2021 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

