Amit Shah Roadshow In Guwahati: असम चुनाव से पहले शाह का दमदार रोड शो, गुवाहाटी में BJP ने झोंकी पूरी ताकत
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि 4 मई को मतगणना होगी. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अप्रैल को असम दौरे पर आएंगे और लखीमपुर के बिहपुरिया और गोहपुर में दो बड़ी चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे. यह दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और ऊपरी असम में वोटरों को साधने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है.
Amit Shah Holds Massive Roadshow In Guwahati: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को असम के गुवाहाटी में भव्य रोड शो कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनाव प्रचार को और तेज कर दिया. यह रोड शो आर्य विद्यापीठ मैदान से शुरू होकर शहर के कई प्रमुख इलाकों से गुजरा, जहां बड़ी संख्या में समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता जुटे. Assam Assembly Election 2026: बीजेपी ने जारी की 88 उम्मीदवारों की पहली सूची, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जलुकबाड़ी से लड़ेंगे चुनाव
रोड शो के दौरान सड़कों पर भारी भीड़ देखने को मिली और लोगों ने उत्साह के साथ अमित शाह का स्वागत किया. यह कार्यक्रम राज्य में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया.
रोड शो के बाद अमित शाह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें चुनावी तैयारियों की समीक्षा और रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा. अपने दो दिवसीय दौरे के तहत शाह रविवार को भी प्रचार जारी रखेंगे.
वह सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली टी एस्टेट मैदान में असम सरकार के मंत्री अशोक सिंघल के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद नलबाड़ी जिले के तिहू में मंत्री चंद्रमोहन पटोवारी के लिए चुनावी रैली करेंगे.
इसके अलावा अमित शाह 2 अप्रैल को फिर असम दौरे पर आएंगे, जहां बराक वैली क्षेत्र में चुनाव प्रचार को और मजबूती देंगे. इस दौरान वह श्रीभूमि जिले में मंत्री कृष्णेंदु पॉल और सिलचर में भाजपा उम्मीदवार राजदीप रॉय के समर्थन में रैलियां करेंगे.
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि 4 मई को मतगणना होगी. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अप्रैल को असम दौरे पर आएंगे और लखीमपुर के बिहपुरिया और गोहपुर में दो बड़ी चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे. यह दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और ऊपरी असम में वोटरों को साधने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है.