IndiGo Flight Cancellations Update: एयरपोर्ट अलर्ट पर, पैनल जांच में जुटा: इंडिगो फ्लाइट देरी का जिम्मेदार कौन?
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों बड़े ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पायलटों और क्रू की भारी कमी, साथ ही नए क्रू ड्यूटी नियमों के चलते कई एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
IndiGo Flight Cancellations Update: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों बड़े ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पायलटों और क्रू की भारी कमी, साथ ही नए क्रू ड्यूटी नियमों के चलते कई एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु, कोलकाता जैसे बड़े शहरों में सुबह से ही फ्लाइट लेट और कैंसिल होने का सिलसिला जारी है.
समस्या की जड़ क्या है?
IndiGo के लिए सबसे बड़ी चुनौती नए Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियम बन गए हैं. इन नियमों के तहत पायलटों और क्रू मेंबर्स को सीमित घंटों तक ही काम करने की अनुमति है. इसके कारण एयरलाइन को अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत पड़ रही है, जो वर्तमान में उपलब्ध नहीं है. जैसे-जैसे पायलटों की ड्यूटी सीमित हो रही है, वैसे-वैसे कई उड़ानें अपने तय समय पर संचालित नहीं हो पा रहीं और बड़े पैमाने पर रद्द करनी पड़ रही हैं.
DGCA का हस्तक्षेप और अस्थायी राहत
बढ़ती शिकायतों और यात्रियों की मुश्किलें देखते हुए DGCA ने IndiGo को अस्थायी छूट दी है. यह छूट रात 12 बजे से सुबह 6:50 बजे तक वाली उड़ानों और संशोधित FDTL नियमों के कुछ हिस्सों पर लागू होगी. इससे उम्मीद है कि एयरलाइन अपनी उड़ानों को कुछ हद तक सामान्य कर सकेगी. यह छूट 10 फरवरी 2026 तक मान्य होगी.
एयरपोर्ट्स पर हालात कैसे हैं?
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुबह 8 बजे तक 18 IndiGo उड़ानें रद्द कर दी गईं. हालांकि ग्राउंड ऑपरेशन सामान्य बताए जा रहे हैं और अन्य उड़ानें सुचारू रूप से चल रही हैं. कई जगह यात्रियों को लंबी लाइनों, देरी और बढ़े हुए किरायों का सामना करना पड़ रहा है.
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
यात्री अपनी उड़ान की स्थिति IndiGo की वेबसाइट या ऐप पर "Manage Booking" में PNR डालकर तुरंत चेक कर सकते हैं. अगर फ्लाइट रद्द है, तो यात्री बिना शुल्क अगले विकल्प पर रीबुक कर सकते हैं या पूरा रिफंड ले सकते हैं. ऑनलाइन पेमेंट वालों का पैसा 5 से 7 कार्यदिवस में वापस आता है. कैश बुकिंग वालों को एयरपोर्ट काउंटर पर जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
विवाद और आरोप भी सामने आए
इस बीच, एक सरकारी बोर्ड में शामिल डॉक्टर जितेंद्र नगर ने दावा किया है कि यह साधारण तकनीकी गड़बड़ी नहीं बल्कि "सोची-समझी हरकत" है. हालांकि किसी आधिकारिक एजेंसी ने ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 08, 2025 09:11 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

