Air India Pilot Drug Test: अब सभी पायलटों का होगा साइकोएक्टिव पदार्थ टेस्ट, DGCA ने जारी किया नया आदेश

AAIB ने अपनी रिपोर्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ और विमान में हुई तकनीकी घटना के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं किया. रिपोर्ट के अनुसार सह-पायलट ने समय रहते स्थिति को संभाला, बाद में पायलट-इन-कमांड ने नियंत्रण अपने हाथ में लिया और विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतार लिया गया.

Air India Pilot Drug Test: एयर इंडिया के एक पायलट के साइकोएक्टिव पदार्थ (Psychoactive Substance) टेस्ट में 'नॉन-नेगेटिव' पाए जाने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा फैसला लिया है. अब देश की सभी एयरलाइंस को अपने सभी पायलटों का एक बार अनिवार्य साइकोएक्टिव पदार्थ टेस्ट कराना होगा. अधिकारियों के अनुसार मौजूदा टेस्टिंग चक्र अगले साल 31 जुलाई तक चलेगा. तेज हवाओं के चलते लखनऊ एयरपोर्ट पर राहुल गांधी के विमान की नहीं हो सकी पहली लैंडिंग; Go-Around के बाद सुरक्षित उतरा एयर इंडिया का प्लेन

इससे पहले नियम के तहत हर साल केवल 10 प्रतिशत फ्लाइट क्रू और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का रैंडम साइकोएक्टिव पदार्थ टेस्ट किया जाता था. नया आदेश इस व्यवस्था का बड़ा विस्तार माना जा रहा है.

सभी एयरलाइंस में शुरू हो चुकी है टेस्टिंग

अधिकारियों के मुताबिक देश की सभी एयरलाइंस में पायलटों की टेस्टिंग पहले ही शुरू हो चुकी है. एक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है, जबकि दूसरे अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया पिछले महीने से शुरू हो चुकी है.

पिछले महीने ही यह जानकारी सामने आई थी कि सरकार ड्रग टेस्टिंग नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है ताकि हर पायलट का कम से कम साल में एक बार परीक्षण किया जा सके. अब सरकार इसी दिशा में नियमों में संशोधन की प्रक्रिया पूरी कर रही है.

महीने के अंत तक आ सकती हैं नई गाइडलाइंस

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने गुरुवार को कहा कि सरकार जल्द ही संशोधित नियमों को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि DGCA अभी विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा कर रहा है और उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक पायलट टेस्टिंग से जुड़ी नई गाइडलाइंस जारी कर दी जाएंगी.

फुकेट-दिल्ली उड़ान के पायलट के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह फैसला DGCA के अधिकार क्षेत्र में आता है. उन्होंने कहा कि पहले Civil Aviation Requirements (CAR) जारी होने दीजिए, उसके बाद उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

Air India ने पहले ही शुरू कर दी थी 100 प्रतिशत टेस्टिंग

Air India ने 13 अगस्त से अपने सभी पायलटों की 100 प्रतिशत साइकोएक्टिव पदार्थ टेस्टिंग शुरू कर दी थी. यह फैसला उस समय लिया गया जब 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही उड़ान के पायलट-इन-कमांड (PIC) का कन्फर्मेटरी ड्रग टेस्ट पॉजिटिव पाया गया.

4 अगस्त को 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान के दौरान विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम कुछ ही सेकंड में फेल हो गए थे, जिससे विमान में 'एल्टीट्यूड अपसेट' की स्थिति पैदा हो गई थी. इस घटना में विमान में सवार 24 लोग घायल हुए थे.

AAIB रिपोर्ट में नहीं मिला सीधा संबंध

पिछले सप्ताह जारी Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया कि घटना के समय पायलट-इन-कमांड विमान को नियंत्रित नहीं कर रहा था, बल्कि वह पायलट मॉनिटरिंग की भूमिका में था. वहीं, सह-पायलट (Co-pilot) दोनों ड्रग टेस्ट में नेगेटिव पाया गया.

AAIB ने अपनी रिपोर्ट में साइकोएक्टिव पदार्थ और विमान में हुई तकनीकी घटना के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं किया. रिपोर्ट के अनुसार सह-पायलट ने समय रहते स्थिति को संभाला, बाद में पायलट-इन-कमांड ने नियंत्रण अपने हाथ में लिया और विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतार लिया गया.

हालांकि, AAIB ने DGCA को सिफारिश की है कि पायलटों के बीच साइकोएक्टिव पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं, क्योंकि इसे विमानन सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय माना गया है.

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