Air India Flight AI171 Crash: एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 के दुखद हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है, और इसमें जो बातें पता चली हैं, वे हैरान करने वाली हैं. भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की इस रिपोर्ट ने हादसे को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
यह हादसा 12 जून को हुआ था, जब एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स को लेकर अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुआ था. टेकऑफ के कुछ ही पलों बाद विमान क्रैश हो गया, जिसमें विमान में सवार सभी लोगों और ज़मीन पर मौजूद 19 नागरिकों सहित कुल 260 लोगों की जान चली गई.
टेकऑफ के बाद ऐसा क्या हुआ?
जांच रिपोर्ट का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा यह है कि टेकऑफ के ठीक बाद विमान के दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ एक सेकंड के अंतर में दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच 'RUN' (चालू) स्थिति से 'CUTOFF' (बंद) स्थिति में आ गए.
जैसे ही इंजनों को फ्यूल मिलना बंद हुआ, उन्होंने काम करना बंद कर दिया. बिना पावर के विमान हवा में ज़्यादा देर नहीं रह सका और सीधे अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की इमारत पर जा गिरा, जिससे एक बड़ा हादसा हो गया.
कॉकपिट के अंदर की वो आखिरी बातचीत
इस हादसे का सबसे रहस्यमयी पहलू कॉकपिट में रिकॉर्ड हुई पायलटों की आखिरी बातचीत है. हादसे से ठीक पहले एक पायलट ने दूसरे से पूछा, "आपने फ्यूल क्यों बंद कर दिया?"
इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया, "मैंने ऐसा नहीं किया."
यह छोटी सी बातचीत कई गंभीर सवाल खड़े करती है. क्या यह किसी पायलट की गलती थी? क्या कोई तकनीकी खराबी थी जिससे स्विच अपने आप बंद हो गए? या फिर दोनों पायलटों के बीच कोई बड़ा भ्रम पैदा हो गया था? इस बातचीत ने जांच को एक नई दिशा दे दी है.
जांच में और क्या पता चला?
- इमरजेंसी सिस्टम हुआ एक्टिवेट: जैसे ही दोनों इंजन बंद हुए, विमान का इमरजेंसी पावर सप्लाई सिस्टम (RAT) अपने आप चालू हो गया. यह सिस्टम तभी काम करता है जब विमान के मुख्य इंजन फेल हो जाते हैं.
- इंजन दोबारा चालू करने की कोशिश: एक इंजन (इंजन 2) ने थोड़ी देर के लिए फिर से काम करना शुरू किया था, लेकिन दूसरा इंजन (इंजन 1) चालू नहीं हो सका.
- पक्षी टकराने की आशंका खारिज: जांच में विमान से किसी पक्षी के टकराने का कोई सबूत नहीं मिला है, इसलिए इस वजह को खारिज कर दिया गया है.
- ब्लैक बॉक्स से मिली जानकारी: विमान के अगले हिस्से में लगे रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) से सारा डेटा सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है, हालांकि पिछला रिकॉर्डर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
यह अभी शुरुआती रिपोर्ट है और जांच की पूरी प्रक्रिया अभी जारी है. असल में फ्यूल स्विच बंद कैसे हुए – यह मानवीय भूल थी या कोई खतरनाक तकनीकी खामी, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा. तब तक, यह सवाल बना रहेगा कि उस दिन कॉकपिट में आखिर हुआ क्या था.













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