VIDEO: लड़कियों के बाद अब डॉग लवर्स के निशाने पर आए कथावाचक Aniruddhacharya, लिव-इन रिलेशनशिप को बताया 'कुत्तों वाला कल्चर'; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
प्रसिद्ध कथावाचक और धर्मगुरु अनिरुद्धाचार्य महाराज एक बार फिर चर्चा में हैं. उन्होंने हाल ही में कुत्तों और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है.
Aniruddhacharya Live-in Relationship Statement: प्रसिद्ध कथावाचक और धर्मगुरु अनिरुद्धाचार्य महाराज एक बार फिर चर्चा में हैं. उन्होंने हाल ही में कुत्तों (Street Dog) और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. महाराज (Aniruddhacharya Maharaj) का कहना है कि लिव-इन रिलेशनशिप कुत्तों का स्वाभाविक व्यवहार है, जो हजारों सालों से चला आ रहा है. उनके इस बयान के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं. कुछ समर्थक उन्हें समाज और जीवन की सच्चाई बताने वाला व्यक्ति मान रहे हैं, जबकि आलोचक उनके बयान को अनुचित और विवादास्पद बता रहे हैं.
कुत्तों में है 'लिव-इन कल्चर': अनिरुद्धाचार्य
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अनिरुद्धाचार्य ने विस्तार से बताया कि हमारे देश के आवारा कुत्ते और पालतू जानवर लिव-इन (Live-in relationship_ की तरह रहते हैं. उनके अनुसार, यह कुत्तों का सामान्य व्यवहार और 'कल्चर' है. महाराज के इस विचार पर कई लोग सोशल मीडिया पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं. कुछ लोग उनका समर्थन करते हुए कह रहे हैं कि वह सच बोलते हैं और समाज की हकीकत सामने लाते हैं, जबकि कई लोग ऐसे बयानों को गैर-जिम्मेदाराना और अनुचित मान रहे हैं.
पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज पहले भी कई सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त कर चुके हैं. कुछ समय पहले उन्होंने लड़कियों की शादी की उम्र (Marriage Age of Girls) को लेकर भी एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि लड़कियों की शादी 18 साल से पहले कर देनी चाहिए. ऐसे बयानों के कारण वह अक्सर मीडिया और सोशल मीडिया (Social Media) पर सुर्खियों में रहते हैं.
यूट्यूब चैनल पर 10 लाख सब्सक्राइबर
अनिरुद्धाचार्य महाराज के देश-विदेश में व्यापक प्रशंसक हैं. उनके यूट्यूब चैनल पर दस लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं और उनके वीडियो लाखों बार देखे जाते हैं. समर्थकों का कहना है कि महाराज हमेशा समाज के कल्याण की बात करते हैं और लोगों को सही दिशा दिखाने की कोशिश करते हैं. वहीं, आलोचकों का मानना है कि उनके कई बयान विवाद पैदा करते हैं और समाज में गलत संदेश भी भेज सकते हैं.