India's Deadliest Stampedes: भारत में भगदड़ के 9 बड़े हादसे: जब लापरवाही, भीड़ और बदइंतजामी के चलते 1,000 से ज्यादा लोगों ने गंवाई जान

भारत में कई बड़ी भगदड़ घटनाओं में हजारों लोगों की जान गई है, जिनमें प्रमुख मंदिरों, कुंभ मेलों और रेलवे स्टेशनों पर हादसे हुए हैं. सबसे भीषण घटनाओं का जिक इस खबर में किया गया है.

India’s Most Shocking Stampedes: भारत के इतिहास में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों के कारण कई बार भगदड़ की दुखद घटनाएं हुई हैं. इनमें से कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:

1. मंधारदेवी मंदिर, महाराष्ट्र (2005): 25 जनवरी 2005 को महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित मंधारदेवी मंदिर में वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान भगदड़ मच गई. इस घटना में 340 से अधिक श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई और सैकड़ों घायल हो गए.

2. नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश (2008): 3 अगस्त 2008 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित नैना देवी मंदिर में चट्टान खिसकने की अफवाह के कारण भगदड़ मच गई. इस हादसे में 162 लोग मारे गए और 47 घायल हो गए.

3. चामुंडा देवी मंदिर, राजस्थान (2008): 30 सितंबर 2008 को राजस्थान के जोधपुर शहर में स्थित चामुंडा देवी मंदिर में बम विस्फोट की अफवाह के चलते भगदड़ मच गई. इस घटना में लगभग 250 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई और 60 से अधिक घायल हो गए.

4. रतनगढ़ मंदिर, मध्य प्रदेश (2013): 13 अक्टूबर 2013 को मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित रतनगढ़ मंदिर के पास नवरात्रि उत्सव के दौरान भगदड़ मच गई. इस हादसे में 115 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए. भगदड़ की शुरुआत इस अफवाह से हुई कि श्रद्धालु जिस नदी के पुल को पार कर रहे थे, वह टूटने वाला है.

5. सबरीमला मंदिर, केरल (2011): 14 जनवरी 2011 को केरल के इडुक्की जिले के पुलमेडु में सबरीमला मंदिर की तीर्थयात्रा के दौरान एक जीप के तीर्थयात्रियों को टक्कर मार देने के कारण भगदड़ मच गई. इस घटना में कम से कम 104 श्रद्धालु मारे गए और 40 से अधिक घायल हो गए.

6. वैष्णो देवी मंदिर, जम्मू-कश्मीर (2022): 1 जनवरी 2022 को जम्मू-कश्मीर में स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. इस घटना में कम से कम 12 लोगों की मृत्यु हो गई और एक दर्जन से अधिक घायल हो गए.

7. हाथरस सत्संग, उत्तर प्रदेश (2024): 2 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक धार्मिक सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई. इस घटना में 121 लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं शामिल थीं.

8. प्रयागराज महाकुंभ, उत्तर प्रदेश (2025): 29 जनवरी 2025 को प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. इस घटना में कम से कम 30 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई और 60 से अधिक घायल हो गए.

9. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (2025): 16 फरवरी 2025 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महाकुंभ मेले के लिए प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई. इस घटना में 18 लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, और कई अन्य घायल हो गए.

इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों में सुधार की आवश्यकता है. सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे ऐसे आयोजनों के लिए पूर्व तैयारी करें, सुरक्षा मानकों का पालन करें और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तत्पर रहें, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके.

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