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नई दिल्ली स्टेशन: X से भगदड़ के 285 वीडियो हटाने के आदेश! रेलवे ने नोटिस भेजकर 36 घंटे का दिया अल्टीमेटम

रेलवे मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ के 285 वीडियो हटाने का निर्देश दिया, जिनमें 18 लोगों की मौत हुई थी.

नई दिल्ली स्टेशन: X से भगदड़ के 285 वीडियो हटाने के आदेश! रेलवे ने नोटिस भेजकर 36 घंटे का दिया अल्टीमेटम
Credit-(X,@FoejMedia)

रेलवे मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) को 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से जुड़े 285 वीडियो हटाने का निर्देश दिया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी. मंत्रालय ने ‘नैतिक मानदंडों’ और X की कॉन्टेंट पॉलिसी का हवाला देते हुए 17 फरवरी को नोटिस जारी किया, जिसमें 36 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था.

सरकार का तर्क

मंत्रालय के अनुसार, इस तरह के वीडियो साझा करने से कानून व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कतें हो सकती हैं. इन दिनों रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भारी भीड़ को देखते हुए ऐसे संवेदनशील वीडियो रेलवे के संचालन को प्रभावित कर सकते हैं.

प्रमुख न्यूज चैनलों के वीडियो भी शामिल

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा जारी नोटिस में प्रमुख न्यूज चैनलों के X अकाउंट से पोस्ट किए गए वीडियोज को भी शामिल किया गया है. खासतौर पर शवों को दिखाए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की गई है और इन्हें ‘संवेदनशील एवं परेशान करने वाला कॉन्टेंट’ बताया गया है.

रेलवे मंत्रालय को नया अधिकार

24 दिसंबर को रेलवे मंत्रालय को नया अधिकार दिया गया, जिससे रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) खुद ही ऐसे नोटिस जारी कर सकते हैं. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत यह अधिकार मिला है. पहले इस तरह के नोटिस आईटी मंत्रालय की धारा 69ए के तहत ब्लॉकिंग कमेटी के जरिए भेजे जाते थे.

सरकार अब कुछ URL को ब्लॉक करने का भी निर्देश दे सकती है, खासतौर पर उन अकाउंट्स को जो गैरकानूनी विज्ञापन, प्रमोशनल कॉन्टेंट या भ्रामक जानकारी फैलाते हैं. यदि सरकारी निर्देश मिलने के बावजूद आपत्तिजनक सामग्री नहीं हटाई जाती है, तो ऐसे प्लेटफॉर्म कानूनी सुरक्षा (Safe Harbour Protection) खो सकते हैं.

X की कॉन्टेंट पॉलिसी क्या कहती है?

X की नीतियों के अनुसार, कोई भी ग्राफिक मीडिया (फोटो या वीडियो) प्लेटफॉर्म पर तभी साझा किया जा सकता है, जब उसे उचित रूप से लेबल किया गया हो. X ऐसे कॉन्टेंट को पोस्ट करने की अनुमति नहीं देता, जो हिंसा को बढ़ावा देते हों. मृत्यु से जुड़े मामलों में X लोगों की गरिमा और गोपनीयता का ध्यान रखता है, लेकिन समाचार की रिपोर्टिंग के अधिकार को भी संतुलित करने की कोशिश करता है.

पहले भी जारी किए गए थे नोटिस

इससे पहले जनवरी में भी रेलवे मंत्रालय ने यूट्यूब और इंस्टाग्राम को भ्रामक, संवेदनशील और उकसाने वाली जानकारी हटाने का नोटिस भेजा था. इस आदेश के बाद मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी) ने उचित कार्रवाई करने की पुष्टि भी की थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 21, 2025 03:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).