8th Pay Commission Latest News: क्या सीपीएसई कर्मचारियों के लिए अलग वेतन संशोधन समिति बनेगी? वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने दिया जवाब

केंद्र सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSE) के कर्मचारियों के लिए किसी भी अलग वेतन संशोधन समिति (PRC) के गठन की संभावनाओं को खारिज कर दिया है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में स्पष्ट किया कि वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है.

8th Pay Commission Latest News: केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (Central Public Sector Enterprises) (CPSE) में कार्यरत करीब 8 लाख कर्मचारियों के वेतन संशोधन को लेकर चल रही अटकलों पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (Minister of State for Finance Pankaj Chaudhary) ने कहा कि फिलहाल सीपीएसई कर्मचारियों के लिए कोई नई या अलग वेतन संशोधन समिति (Pay Revision Committee) (PRC) बनाने का प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग से 1.15 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बदलेगी किस्मत; जानें किसे कितना होगा फायदा

संसद में उठा वेतन विसंगति का मुद्दा

सांसद लक्ष्मीकांत पप्पू निषाद ने सरकार से पूछा था कि क्या सीपीएसई कर्मचारियों के लिए भी 8वें वेतन आयोग की तर्ज पर कोई विशेष समिति गठित की जाएगी. उन्होंने तर्क दिया था कि विभिन्न सीपीएसई में वेतन फॉर्मूले, बोनस और प्रदर्शन-आधारित वेतन (PRP) में काफी अंतर है, जिससे 'समान काम के लिए समान वेतन' के सिद्धांत का उल्लंघन होता है.

सरकार का रुख: प्रदर्शन और वित्तीय क्षमता पर आधारित वेतन

मंत्री पंकज चौधरी ने मौजूदा व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि विभिन्न उद्यमों के बीच मुआवजे में अंतर उनकी 'वित्तीय क्षमता और प्रदर्शन' का प्रतिबिंब है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करती है, लेकिन उद्यमों की कार्यात्मक स्वायत्तता (functional autonomy) को प्राथमिकता दी जाती है. इससे लाभदायक सीपीएसई बेहतर प्रोत्साहन दे सकते हैं, जबकि वित्तीय संकट का सामना कर रहे उद्यम अपनी व्यावसायिक व्यवहार्यता को सुरक्षित रख सकते हैं.

8वें वेतन आयोग की वर्तमान स्थिति

सीपीएसई कर्मचारियों के वेतन से अलग, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां वेतन आयोग (CPC) पहले से ही कार्य कर रहा है। इसके बारे में मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

सीपीएसई और सरकारी कर्मचारियों में अंतर

केंद्रीय सरकारी कर्मचारी 'केंद्रीय महंगाई भत्ता' (CDA) पैटर्न का पालन करते हैं, जो हर दस साल में वेतन आयोगों द्वारा अपडेट किया जाता है. इसके विपरीत, सीपीएसई कर्मचारी आमतौर पर 'औद्योगिक महंगाई भत्ता' (IDA) पैटर्न का अनुसरण करते हैं. ऐतिहासिक रूप से, सरकार सीपीएसई के लिए तदर्थ (Ad-hoc) वेतन संशोधन समितियों का गठन करती रही है (जैसे 2016 में तीसरी पीआरसी), लेकिन नवीनतम संसदीय प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि 2027 का वेतन चक्र किसी नई समिति के बजाय सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) के मौजूदा दिशा-निर्देशों के माध्यम से प्रबंधित किया जा सकता है.

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