Omicron in India: दिल्ली के LNJP अस्पताल में ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के संदेह में 15 मरीज भर्ती, देश में अब तक चार मामलों की पुष्टी

भारत में कोविड-19 (COVID-19) के नए वेरियंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) का खतरा बढ़ता जा रहा है. देश में अब तक ओमिक्रॉन के दो मामले कर्नाटक, एक गुजरात और चौथा मामला महाराष्ट्र के ठाणे में पाया गया है.

कोविड-19 वार्ड (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: भारत में कोविड-19 (COVID-19) के नए वेरियंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) का खतरा बढ़ता जा रहा है. देश में अब तक ओमिक्रॉन के दो मामले कर्नाटक, एक गुजरात और चौथा मामला महाराष्ट्र के ठाणे में पाया गया है. जबकि देशभर में विदेशों से आये दर्जनों कोरोना संक्रमितों की जीनोम अनुक्रमण की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. सिर्फ राजधान दिल्ली (Delhi) के एक सरकारी हॉस्पिटल में ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के संदेह में 15 मरीज भर्ती है. सभी के सैंपल जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजे गए है. ऐसे में यह बात तो स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में ओमिक्रॉन के और मामले सामने आ सकते है. Omicron Scare: ओमिक्रॉन घातक नहीं है लेकिन भारत को तीसरी लहर के लिए रहना चाहिए तैयार- स्वास्थ्य विशेषज्ञ

जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार के लोकनायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) हॉस्पिटल में कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित होने के संदेह में 15 मरीजों को भर्ती कराया गया है. अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये सभी लोग ‘‘जोखिम’’ वाले देशों से हाल के दिनों में दिल्ली पहुंचे थे.

अधिकारी ने बताया कि इनमें से नौ के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जबकि छह मरीजों में गले में खराश, बुखार जैसे लक्षण और मरीजों के संपर्क में आने का इतिहास है. उनके सैंपल को जीनोम अनुक्रमण के लिए लैब भेजा गया है और टेस्ट रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन लगेंगे.

एलएनजेपी हॉस्पिटल में शुक्रवार तक ओमिक्रॉन के संदिग्ध मरीजों की संख्या 12 थी. एलएनजेपी हॉस्पिटल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि शनिवार को ब्रिटेन से आये तीन नए मरीज यहां लाये गए हैं.

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप से संक्रमण फैलने की दर अधिक है लेकिन अधिकांश संक्रमितों में इसके लक्षण हल्के हैं. अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक ओमिक्रॉन से संक्रमित व्यक्ति को ऑक्सीजन देने की जरुरत नहीं पड़ रही है. इससे अभी तक मृत्यु दर में भी बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस वेरियंट को खतरनाक बताया है. फिलहाल डब्ल्यूएचओ के आलावा कई देश भी कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरियंट का विस्तारपूर्वक अध्ययन कर रहे है.

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