Vimal Elaichi Ad: मुश्किल में शाहरुख खान, अजय देवगन-टाइगर श्रॉफ, विमल इलायची विज्ञापन मामले में FDA का नोटिस, मांगा स्पष्टीकरण
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता शाह रुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को सरोगेट विज्ञापन मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है. विमल इलायची के विज्ञापन के जरिए प्रतिबंधित विमल पान मसाला के परोक्ष प्रचार का आरोप लगाया गया है.
Vimal Elaichi Advertising: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता शाह रुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. यह कार्रवाई 'विमल इलायची' के एक विज्ञापन अभियान को लेकर की गई है. नियामक संस्था का आरोप है कि यह विज्ञापन राज्य में प्रतिबंधित 'विमल पान मसाला' का परोक्ष या सरोगेट विज्ञापन (Surrogate Advertising) हो सकता है.
FDA ने तीनों अभिनेताओं को विज्ञापन में उनकी भूमिका और ब्रांड एंडोर्समेंट को लेकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. साथ ही, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से 15 दिनों के भीतर इस तरह की प्रचार सामग्री हटाने को कहा गया है. यह भी पढ़े: Maharashtra FDA Action: मुंबई और सतारा के 4 Domino's आउटलेट्स के लाइसेंस सस्पेंड, जानें किन जगहों पर हुई कार्रवाई
शाहरुख खान, अजय देवगन-टाइगर श्रॉफ को नोटिस
Bollywood stars Shah Rukh Khan, Ajay Devgn and Tiger Shroff have received show-cause notices from the Maharashtra Food and Drug Administration (FDA) over a Vimal Elaichi advertisement.
The regulator alleges that the campaign could amount to surrogate advertising for Vimal Pan… pic.twitter.com/iEtIEQnb0p
— News18 (@CNNnews18) August 16, 2026
सरोगेट विज्ञापन का आरोप
नियामक का कहना है कि विमल इलायची विज्ञापन की प्रस्तुति, डायलॉग, ब्रांडिंग और मार्केट कॉन्टेक्स्ट सीधे तौर पर विमल पान मसाला से मेल खाते हैं. इससे उपभोक्ताओं के बीच प्रतिबंधित उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार होता है.
महाराष्ट्र में 13 जुलाई, 2026 से तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा व पान मसाला के निर्माण, बिक्री और वितरण पर एक वर्ष के लिए पुनः प्रतिबंध लागू किया गया है. खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSS Act), 2006 की धारा 24 और 53 के तहत भ्रामक विज्ञापनों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान है.
कड़ी कार्रवाई के बीच पहली जांच
महाराष्ट्र एफडीए के इतिहास में यह पहली बार है जब तंबाकू या पान मसाला से जुड़े उत्पादों के सरोगेट विज्ञापन के खिलाफ इस स्तर पर जांच शुरू की गई है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन राज्य में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री और प्रचार को रोकने के लिए लगातार व्यापक अभियान चला रहा है.
मामले का बैकग्राउंड
ब्रांड 'विमल' लंबे समय से अपने माउथ फ्रेशनर (इलायची) और पान मसाला के लिए एक ही ब्रांड पहचान और थीम का इस्तेमाल करता रहा है. इसके पहले भी मशहूर अभिनेताओं के इस ब्रांड से जुड़ने पर सार्वजनिक स्तर पर आलोचना देखने को मिली है. अब एफडीए की इस सख्त कार्रवाई के बाद अभिनेताओं की प्रतिक्रिया और कानूनी रुख पर नजर बनी हुई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 16, 2026 11:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

