अनुपम खेर ने इंस्पिरेशनल वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर सांझा किया सफलता का मूल मंत्र
अभिनेता अनुपम खेर ने सफलता का मंत्र साझा करते हुए कहा कि कभी-कभी सफलता तक पहुंचने का सबसे अच्छा जरिया असफलता का जश्न मनाना भी होता है. अनुपम ने गुरुवार की सुबह को ट्वीट किया. उन्होंने 'सारांश', 'राम-लखन', 'लम्हे', 'खेल', 'डर', 'डैडी', 'मैंने गांधी को नहीं मारा', 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' जैसी हिंदी फिल्मों में अपने काम से लोगों की वाहवाही बटोरी.
मुंबई : दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर (Anupam Kher) ने सफलता का मंत्र साझा करते हुए कहा कि कभी-कभी सफलता तक पहुंचने का सबसे अच्छा जरिया असफलता का जश्न मनाना भी होता है. अनुपम ने गुरुवार की सुबह को ट्वीट किया.
कहा कि, "असफलताओं से परे हम बड़ी चीजे बना सकते हैं, लेकिन कई बार सफलता तक पहुंचने का सबसे अच्छा जरिया असफलता का जश्न मनाना भी है. मेरी जिंदगी का सफर इसका सटीक उदाहरण है." अनुपम को दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है. उन्होंने कई भाषाओं, कई नाटकों और 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है.
We make big things out of our failures. But sometimes the best way to reach success is to celebrate failure. My life journey is a perfect example of that. You can read about it in my autobiography #LessonsLifeTaughtMeUnknowingly. It’s out. Grab your copy now.🙏😍🤓 #LifeLessons pic.twitter.com/HfJ1Ps9WGZ
— Anupam Kher (@AnupamPKher) August 8, 2019
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उन्होंने 'सारांश', 'राम-लखन', 'लम्हे', 'खेल', 'डर', 'डैडी', 'मैंने गांधी को नहीं मारा', 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' जैसी हिंदी फिल्मों में अपने काम से लोगों की वाहवाही बटोरी. इसके अलावा 'द बॉय विद द टॉपनोट' में सहायक भूमिका के लिए वह बाफ्टा में भी नामांकित हो चुके हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 08, 2019 04:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

