Thugs Of Hindostan Film Review: आमिर खान-अमिताभ बच्चन की इस फिल्म ने किया निराश, स्टोरी प्लॉट में नहीं है दम
वैसे तो आमिर खान की फिल्मों में हमेशा कंटेंट और एंटरटेनमेंट भरपूर मात्र में होता है लेकिन ये फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरती नजर नहीं आ रही है
फिल्म: ठग्स ऑफ हिंदोस्तान
कास्ट: आमिर खान, अमिताभ बच्चन, फातिमा सना शेख, कैटरीना कैफ, रोनित रॉय, लॉयड ओवन (ब्रिटिश एक्टर), अब्दुल कादिर अमीन
निर्देशक: विजय कृष्णा आचार्य
कहानी: आमिर खान की ये फिल्म भारत में अंग्रेजी हुकूमत और ईस्ट इंडिया कंपनी के अत्याचारों को दर्शाती है. फिल्म की कहानी में बताया गया है कि किस तरह से ईस्ट इंडिया कंपनी देश के छोटे बड़े राज्यों पर अपना कब्जा जमाते हुए हर एक इलाके को अपने कण्ट्रोल में कर रही है. इसके लिए वो लोगों की जान लेने से भी नहीं कतराते हैं. ईस्ट इंडिया कंपनी उनके खिलाफ बगावत करने वाले राजाओं को खत्म कर चुकी है और बचे हुए कुछ राज्य उनकी गुलामी करते हैं. इसी दौरान क्रांतिकारियों का एक गिरोह आजादी के सुर छेड़ते हुए अंग्रेजी हुकूमत को जड़ से फेकने का सपना देखती है और उसके लिए दिन-रात डटी रहती है. इस फिल्म में अंग्रेजी सरकार और क्रांतिकारियों के बीच एंट्री होती है एक ऐसे ठग की जिसपर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता है. वो कभी इस पक्ष की तरफदारी करता है तो कभी उस पक्ष की. ये ठग अपने फायदे के लिए कुछ भी करने को तैयार है. हालांकि वो ठग देश के लिए हित के लिए अपने स्वभाव के विरुद्ध काम करने लगता है. लेकिन अंत में जब क्रातिकारियों को उनके लक्ष्य की प्राप्ति हो जाती है उसके बाद वो एक बार फिर एक नए सफर पर अपने उसी ठग वाले अंदाज में निकल पड़ता है.
अभिनय: फिल्म में फिरंगी मल्ला की मुख्य भूमिका निभा रहे आमिर खान हमेशा की तरह यहां भी दर्शकों को खूब एंटरटेन करते हुए नजर आएंगे. फिल्म में उनके लुक्स, उनका एक्सप्रेशन और उनकी एक्टिंग बेमिसाल है. अभिनय के मामले में आमिर हमेशा की तरह लाजवाब हैं. वहीं दूसरी ओर एक योद्धा (खुदा बख्श) की भूमिका में नजर आ रहे अमिताभ बच्चन ने भी शानदार काम किया है. फिल्म में उनके कई सारे एक्शन सीन्स है और अपनी जिंदगी के इस पड़ाव में भी वो इस तरह के सीन्स को बखूबी निभाते हुए नजर आए. एक्टिंग हो या फिर डांस, बिग बी ने काफी बढ़िया काम किया है. इसी के सतह उनके डायलॉग्स भी दमदार है. बात करें फातिमा सना शेख की तो यहां उनका किरदार बेहद शार्प है और वो आक्रोश से भरा हुआ है. उनके भीतर हमें बदले की भावना दिखाई देती है. फिल्म में उनका किरदार बेहद गंभीर है यहां उनके काम की बात करें तो उन्होंने हमें वाकई एंटरटेन किया है.
म्यूजिक: इस फिल्म के म्यूजिक आपको कुछ भी ऐसा एक्स्ट्रा आर्डिनरी एलिमेंट नजर नहीं आएगा. फिल्म का सॉन्ग 'वाश्मल्ले' जबरदस्त है. इसके अलावा फिल्म के अन्य गानों में वो बात नजर नहीं आती है. फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक पर बढ़िया काम किया है. स्पेशल इफेक्ट्स म्यूजिक का प्लेसमेंट भी बढ़िया है. लेकिन देखा जाए तो फिल्म के गानों को और भी बेहतर बनाया जा सकता था.
फिल्म की खूबियां: इस फिल्म में आमिर खान, अमिताभ बच्चन, फातिमा सना शेख का काम बेहद शानदार है. आपको लगेगा कि उनकी एक्टिंग ने इस फिल्म को संभाला हुआ है. फिल्म के डायलॉग्स भी मजेदार हैं और साथ ही आमिर खान का कॉमिक अंदाज इस फिल्म को मजेदार बनाता है. इसके अलावा फिल्म में जिस तरह से आमिर का किरदार नए-नए ट्विस्ट्स लेकर आता है, ये इसकी खासियत है.
फिल्म की खामियां: इस फिल्म के डायरेक्शन में हमें कई कमियां नजर आती हैं.निर्देशक विजय कृष्णा आचार्य के पास आमिर खान और अमिताभ बच्चन जैसे मंझे हुए कलाकार थे लेकिन ये फिल्म उतनी ग्रैंड नहीं बन पाई जितना की इससे उम्मीद की जा रही थी. इस फिल्म में थ्रिल जैसा कुछ भी नहीं और स्क्रिप्ट के मामले में ये फिल्म कमजोर पड़ती नजर आ रही है. इस फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी स्लो है, वहीं सेकंड तेजी से आगे बढ़ता है. फिल्म में कैटरीना कैफ के सॉन्ग्स और उनकी कोरियोग्राफी में भी हमें ताल मेल नजर नहीं आता. इस फिल्म में कैटरीना का स्क्रीन स्पेस कम है लेकिन इन समयों में वो दर्शकों को खुश करने में असफल हुई हैं.
ओवरऑल इस फिल्म को बात की जाए तो फिल्म की कहानी, म्यूजिक और डायरेक्शन कमजोर है. अगर इस फिल्म से ग्रैंड स्टार कास्ट को हटा दिया जाए तो ये भी किसी अन्य पीरियड ड्रामा पेट्रियोटिक फिल्म की तरह नजर आती है. इस फिल्म के कलाकारों के काम के चलते ही आप इस फिल्म को तकरीबन 3 घंटे तक सिनेमा हॉल में रुक कर देखना चाहेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 08, 2018 01:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

