क्या UPI लेनदेन पर लगेगा शुल्क? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने MDR नियमों पर दी सफाई
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट केवल व्यापारियों पर लागू होता है, आम उपभोक्ताओं पर नहीं. उन्होंने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें आम जनता पर UPI शुल्क थोपे जाने की आशंका जताई गई थी.
नई दिल्ली: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface) (UPI) के जरिए डिजिटल भुगतान करने वाले आम नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का असर आम ग्राहकों/एंड-यूजर्स पर नहीं पड़ेगा.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कहा कि MDR का नियम केवल व्यापारियों (Merchants) पर लागू होता है. इससे बैंकों और फिनटेक कंपनियों को अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और तकनीकी नवाचार में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिसका अंतिम लाभ भी UPI यूजर्स को ही मिलेगा. यह भी पढ़ें: UPI Charges Bill: लोकसभा में बिल पास, भविष्य में UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट पर शुल्क लगाने का रास्ता साफ
Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 में क्या है?
लोकसभा में पेश और पारित कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 में 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007' की धारा 10(A) में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है.
- कानूनी ढांचा: यह विधेयक UPI या रुपे (RuPay) कार्ड लेनदेन पर तुरंत कोई शुल्क या MDR लागू नहीं करता है. बल्कि, यह केंद्र सरकार को एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है, जिसके तहत सरकार भविष्य में अधिसूचना (Notification) के जरिए यह तय कर सकेगी कि कौन से इलेक्ट्रॉनिक भुगतान या लेनदेन पूरी तरह से निशुल्क रहेंगे.
- जीरो-MDR नीति में लचीलापन: वर्तमान में बैंकों को UPI लेनदेन पर कोई शुल्क लेने की अनुमति नहीं है. इस संशोधन के बाद सरकार के पास शून्य-एमडीआर (Zero-MDR) व्यवस्था में बदलाव करने का अधिकार होगा, जिसे बड़े कारोबारियों के लिए लागू किया जा सकता है.
NPCI और समिति का निर्णय बाकी
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अध्यक्षता वाली 'यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी' ने अभी तक एमडीआर (MDR) की दरों या इसके क्रियान्वयन पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.
संसद द्वारा विधेयक पारित होने के बाद ही संबंधित हितधारकों के साथ चर्चा करके इस संबंध में कोई नीतिगत ढांचा तैयार किया जाएगा.
निर्मला सीतारमण ने MDR पर स्थिति स्पष्ट की
Before spreading a canard, @Jairam_Ramesh ji, please consider this:
1. Merchant Discount Rate (MDR) applies only on the merchants and not on the end users/customers. It will support the Banks & Fintech to invest more on infrastructure, innovation & security. All users of UPI… https://t.co/sleUX4ztWe
— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) August 6, 2026
विपक्ष के दावों और जयराम रमेश पर पलटवार
इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया था कि MDR लागू होने से अंततः इसका वित्तीय बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. उन्होंने दावा किया था कि आरबीआई के पास पर्याप्त सरप्लस फंड है, जिससे UPI प्रणाली को बिना कोई शुल्क लगाए सुचारू रखा जा सकता है.
जयराम रमेश के आरोपों को "भ्रामक" बताते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा:
"मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) केवल व्यापारियों पर लागू होता है, अंतिम ग्राहकों पर नहीं. इससे बैंक और फिनटेक कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा में अधिक निवेश कर सकेंगी, जिससे सभी यूजर्स को बेहतर सेवाएं मिलेंगी."
साथ ही वित्त मंत्री ने संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे पर भी निशाना साधा और कहा कि अगर कांग्रेस सदन में रचनात्मक चर्चा में शामिल होती, तो इन तकनीकी पहलुओं पर संसद के पटल पर ही विस्तार से चर्चा की जा सकती थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 07, 2026 11:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

