Sugar Price Update: चीनी की कीमतों में जल्द मिलेगी राहत, एक्स-मिल रेट 20% तक गिरे; सरकार ने की बड़ी घोषणा
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का मुख्य कारण कालाबाजारी (Hoarding) और सट्टेबाजी (Speculation) था. सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी तरह की कमी नहीं है. ऐसे में घबराकर अधिक मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत नहीं है.
Sugar Price Update: आम लोगों के लिए राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि देश में एक्स-मिल (Ex-Mill) चीनी की कीमतों में करीब 20% की गिरावट दर्ज की गई है. इसके साथ ही खुदरा बाजार में भी चीनी के दाम कम होने शुरू हो गए हैं. सरकार का कहना है कि सप्लाई चेन के जरिए इसका असर जल्द ही पूरे देश में देखने को मिलेगा और उपभोक्ताओं को सस्ती चीनी मिलने लगेगी. यह भी पढ़ें: Sugar Price Hike: चीनी की कीमतों में बड़ा उछाल; क्या इथेनॉल की ओर डायवर्जन की वजह से सिर्फ़ 12 दिनों में खुदरा कीमतों में आया है 20% का उछाल?
कालाबाजारी और सट्टेबाजी से बढ़ी थीं कीमतें
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का मुख्य कारण कालाबाजारी (Hoarding) और सट्टेबाजी (Speculation) था. सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी तरह की कमी नहीं है. ऐसे में घबराकर अधिक मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत नहीं है.
जांच में मिला पर्याप्त स्टॉक, कई मिलों में घोषित से ज्यादा चीनी
सरकार ने देशभर में चीनी मिलों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया. जांच के दौरान कई चीनी मिलों में सरकार को दी गई मासिक रिपोर्ट से अधिक चीनी का स्टॉक मिला. इससे यह साफ हो गया कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश की जा रही थी.
सितंबर से बदलेगा चीनी आवंटन का नियम
सरकार ने बाजार में चीनी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सितंबर से मासिक कोटा प्रणाली की जगह पखवाड़ा (Fortnightly) कोटा प्रणाली लागू करने का फैसला किया है. नए नियम के तहत चीनी मिलों को आवंटित कोटे का कम से कम 40% हिस्सा पहले सप्ताह में बेचना होगा, जबकि शेष मात्रा अगले सप्ताह बाजार में उपलब्ध करानी होगी.
इसके अलावा, चीनी मिलों को निर्देश दिया गया है कि बिक्री के सात दिनों के भीतर चीनी की सप्लाई सुनिश्चित करें. सरकार का मानना है कि इससे चीनी तेजी से मिलों से थोक विक्रेताओं और फिर उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी तथा जमाखोरी पर रोक लगेगी.
अक्टूबर से शुरू होगा नया पेराई सीजन
सरकार ने बताया कि 15 अक्टूबर से नए सीजन की गन्ना पेराई शुरू होगी. अक्टूबर में 10 लाख मीट्रिक टन (LMT) से अधिक और नवंबर में करीब 45 LMT चीनी उत्पादन होने की उम्मीद है. साथ ही, सरकार ने अक्टूबर में उत्पादित चीनी की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं रखा है, ताकि नई चीनी जल्द से जल्द घरेलू बाजार में उपलब्ध हो सके. इससे आने वाले महीनों में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2026 05:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

