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Stock Market Timings Change: 3 अगस्त से बदल जाएगा शेयर बाजार का टाइम! F&O ट्रेडर्स के लिए क्या बदलेगा? जानें नए नियम

3 अगस्त से लागू होने वाला यह नया सिस्टम भारतीय शेयर बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने, क्लोजिंग प्राइस में हेरफेर रोकने और F&O ट्रेडर्स को बेहतर जोखिम प्रबंधन का अवसर देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

Stock Market Timings Change: 3 अगस्त से बदल जाएगा शेयर बाजार का टाइम! F&O ट्रेडर्स के लिए क्या बदलेगा? जानें नए नियम

Stock Market Timings Change From August 3: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 3 अगस्त 2026 से बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) अब फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) वाले शेयरों के लिए नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (Closing Auction Session - CAS) लागू करेंगे. इस बदलाव के बाद F&O शेयरों के क्लोजिंग प्राइस तय करने का तरीका बदल जाएगा. पहले जहां VWAP (Volume Weighted Average Price) के आधार पर क्लोजिंग प्राइस तय होता था, वहीं अब ऑक्शन के जरिए अंतिम क्लोजिंग प्राइस निर्धारित किया जाएगा. यह भी पढ़ें: Stock Market Holidays August 2026: अगस्त में एक भी कार्यदिवस पर बंद नहीं रहेगा शेयर बाजार; देखें NSE और BSE का पूरा कैलेंडर

इस बदलाव का असर खासतौर पर F&O ट्रेडर्स, निवेशकों और म्यूचुअल फंड निवेशकों पर पड़ेगा. नए नियमों के तहत कैश मार्केट और डेरिवेटिव्स मार्केट के ट्रेडिंग समय में भी बदलाव किया गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि 3 अगस्त से क्या-क्या बदलने वाला है.

3 अगस्त से क्या बदल जाएगा?

नए नियम केवल F&O में शामिल शेयरों पर लागू होंगे. इन शेयरों में कैश मार्केट ट्रेडिंग अब दोपहर 3:15 बजे समाप्त हो जाएगी, जबकि अभी यह 3:30 बजे तक होती है. इसके बाद 3:15 बजे से 3:35 बजे तक Closing Auction Session (CAS) चलेगा, जिसमें अंतिम क्लोजिंग प्राइस तय होगा.

वहीं इक्विटी डेरिवेटिव्स (Index Futures, Index Options, Stock Futures और Stock Options) की ट्रेडिंग अब 3:40 बजे तक जारी रहेगी. बाजार खुलने का समय पहले की तरह सुबह 9:15 बजे ही रहेगा, जबकि Trade Modification Window शाम 4:15 बजे तक उपलब्ध रहेगी.

SEBI ने क्यों लागू किया नया नियम?

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने Closing Auction Session (CAS) इसलिए लागू किया है ताकि बाजार बंद होने से ठीक पहले होने वाली प्राइस मैनिपुलेशन (Price Manipulation) की संभावना को कम किया जा सके.

अब तक किसी शेयर का क्लोजिंग प्राइस दोपहर 3:00 बजे से 3:30 बजे के बीच हुए ट्रेड्स के VWAP के आधार पर तय होता था. लेकिन अब सभी खरीद और बिक्री के ऑर्डर एक साथ इकट्ठा किए जाएंगे और एक Equilibrium Price पर उनका मिलान होगा, जिससे अंतिम क्लोजिंग प्राइस अधिक पारदर्शी तरीके से तय होगा.

ट्रेडर्स और निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर?

नए नियमों के तहत F&O ट्रेडर्स को क्लोजिंग प्राइस तय होने के बाद अपनी हेजिंग (Hedging) और रिस्क मैनेजमेंट के लिए अतिरिक्त 10 मिनट का समय मिलेगा. इससे वे अपने खुले हुए पोजिशन को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेंगे.

इसके अलावा म्यूचुअल फंड NAV भी क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय होती है. ऐसे में CAS लागू होने के बाद NAV की गणना का तरीका भी प्रभावित हो सकता है.

ट्रेडर्स को यह भी ध्यान रखना होगा कि कुछ Pending Stop-Loss, Iceberg और Out-of-Band Orders क्लोजिंग ऑक्शन से पहले स्वतः रद्द किए जा सकते हैं. साथ ही Stock Futures के Price Band भी CAS शुरू होने से पहले नए रेफरेंस प्राइस के आधार पर ±3% तय किए जाएंगे.

3 अगस्त से शेयर बाजार का नया टाइमिंग

सेगमेंट नया समय
बाजार खुलने का समय सुबह 9:15 बजे
F&O शेयरों की Continuous Trading 3:15 बजे तक
Closing Auction Session (CAS) 3:15 PM – 3:35 PM
Equity Derivatives Trading 3:40 बजे तक
अन्य कैश मार्केट शेयर 3:30 बजे तक (कोई बदलाव नहीं)
Post-Close Session 3:50 PM – 4:00 PM
Trade Modification Window शाम 4:15 बजे तक

3 अगस्त से लागू होने वाला यह नया सिस्टम भारतीय शेयर बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने, क्लोजिंग प्राइस में हेरफेर रोकने और F&O ट्रेडर्स को बेहतर जोखिम प्रबंधन का अवसर देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2026 08:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).