What Is Digital Gold: अगर आप भी मोबाइल ऐप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल गोल्ड खरीदने की सोच रहे हैं, तो जरा संभल जाएं. मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने निवेशकों को चेतावनी जारी की है कि डिजिटल गोल्ड और ई-गोल्ड जैसे प्रोडक्ट्स पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है. यानी अगर किसी वजह से कंपनी डिफॉल्ट करती है या प्लेटफॉर्म बंद हो जाता है, तो आपका पैसा फंस सकता है.
क्या है डिजिटल गोल्ड?
डिजिटल गोल्ड एक ऐसा निवेश माध्यम है, जिसमें आप बिना सोना घर लाए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या ऐप के जरिए 24 कैरेट गोल्ड खरीद सकते हैं. इसमें निवेशक छोटे-छोटे हिस्सों में सोना खरीदते हैं, जिसे कंपनी अपने वॉल्ट में सुरक्षित रखती है. कई ऐप जैसे PhonePe, Paytm और Google Pay इसके लिए MMTC-PAMP, SafeGold जैसी कंपनियों के साथ मिलकर काम करते हैं.
इसका फायदा यह है कि आप बहुत कम रकम से निवेश शुरू कर सकते हैं, कभी भी गोल्ड बेच सकते हैं या चाहें तो बाद में उसी सोने को ज्वेलरी या कॉइन के रूप में मंगवा सकते हैं. यही वजह है कि युवा निवेशक इसे आसान और मॉडर्न इन्वेस्टमेंट मानकर इसमें पैसा लगा रहे हैं.
SEBI ने क्यों जारी की चेतावनी?
सेबी का कहना है कि डिजिटल गोल्ड या ई-गोल्ड न तो सिक्योरिटी है और न ही कमोडिटी डेरिवेटिव, इसलिए इस पर किसी तरह की रेगुलेटरी सुरक्षा नहीं मिलती. यानी अगर प्लेटफॉर्म बंद हो जाए, कंपनी दिवालिया हो जाए या धोखाधड़ी करे, तो निवेशकों के पास शिकायत या रिकवरी का कोई कानूनी रास्ता नहीं बचेगा.
सेबी ने बताया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इसे पारंपरिक सोने का "सुरक्षित विकल्प" बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं. जबकि ये निवेश पूरी तरह से अनरेगुलेटेड (Unregulated) है.
निवेशकों के लिए क्या बेहतर विकल्प हैं?
सेबी ने लोगों को सलाह दी है कि अगर आप सोने में निवेश करना चाहते हैं, तो रेगुलेटेड विकल्पों की ओर जाएं. इनमें गोल्ड ETF (Exchange Traded Funds), EGR (Electronic Gold Receipts) और SGB (Sovereign Gold Bonds) शामिल हैं. इन पर सरकार और रेगुलेटरी एजेंसियों का नियंत्रण होता है, जिससे निवेश सुरक्षित रहता है.













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