Petrol-Diesel Price Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में क्या हैं आज पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट? यहां करें चेक

मध्य पूर्व में जारी युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, 7 मार्च 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में आज ईंधन की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

Representational Image (Photo Credits: File Photo)

 Petrol-Diesel Price Today: शनिवार, 7 मार्च 2026 को भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल के बावजूद, घरेलू तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों को स्थिर रखा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर पर टिका हुआ है.

प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल रेट

भारत के विभिन्न शहरों में वैट (VAT) और माल ढुलाई शुल्क के कारण कीमतें अलग-अलग होती हैं. नीचे प्रमुख शहरों के ताजा भाव दिए गए हैं:

शहर पेट्रोल (प्रति लीटर) डीजल (प्रति लीटर)
दिल्ली ₹94.77 ₹87.62
मुंबई ₹103.54 ₹89.97
चेन्नई ₹100.80 ₹92.39
हैदराबाद ₹107.46 ₹95.65
कोलकाता ₹105.41 ₹91.76
जोधपुर ₹105.28 ₹90.71
जयपुर ₹104.69 ₹90.17
पुणे ₹104.04 ₹90.56
बेंगलुरु ₹102.99 ₹88.94
श्रीनगर ₹100.64 ₹85.69
गुरुग्राम ₹95.51 ₹88.37
नोएडा ₹94.88 ₹88.03
गाजियाबाद ₹94.70 ₹87.85
लखनऊ ₹94.69 ₹87.81
अहमदाबाद ₹94.49 ₹90.16

कच्चे तेल का गणित

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 94 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई है. मध्य पूर्व में तनाव के कारण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) जैसे संवेदनशील व्यापारिक मार्गों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. हालांकि, भारतीय तेल कंपनियां जैसे IOCL, BPCL और HPCL फिलहाल कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं ताकि अर्थव्यवस्था पर महंगाई का सीधा असर न पड़े.

क्यों अलग होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

ईंधन की अंतिम कीमत तीन मुख्य कारकों पर निर्भर करती है:

  1. कच्चे तेल का आधार मूल्य: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की खरीद की लागत.

  2. डॉलर बनाम रुपया: भारत तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए 91.94 रुपये प्रति डॉलर की वर्तमान दर आयात बिल को प्रभावित करती है.

  3. सरकारी कर: केंद्र सरकार का उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और राज्य सरकारों का वैट (VAT) मिलकर ईंधन की कीमत का लगभग 45-50% हिस्सा बनाते हैं.

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