शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल: सेंसेक्स 2600 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी में भी बड़ी बढ़त; जानें तेजी के मुख्य कारण
बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी तेजी देखी गई. अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम की खबर और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते सेंसेक्स और निफ्टी 3% से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं.
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार (Indian Equity Markets) के लिए बुधवार का दिन मंगलकारी साबित हुआ. शुरुआती कारोबार में ही बेंचमार्क सूचकांकों में 3% से अधिक की शानदार बढ़त दर्ज की गई. बीएसई (BSE) सेंसेक्स (Sensex) 2,690 अंक या 3.6% की छलांग लगाकर 77,320 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई (NSE) निफ्टी (Nifty) 785 अंक या 3.4% चढ़कर 23,903 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. बाजार में यह तेजी चौतरफा रही, जिसमें मिडकैप (Midcap) और स्मॉलकैप (Smallcap) शेयरों में भी निवेशकों ने खासी दिलचस्पी दिखाई. यह भी पढ़ें: Stock Market Holiday: गुड फ्राइडे के उपलक्ष्य में आज BSE और NSE में कारोबार बंद, जानिए कब खुलेगा मार्केट
अमेरिका-ईरान युद्धविराम से वैश्विक बाजारों में राहत
बाजार में इस बड़ी तेजी का सबसे प्रमुख कारण अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के युद्धविराम (Ceasefire) का समझौता है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैन्य कार्रवाई को टालने और कूटनीतिक बातचीत शुरू करने के फैसले से वैश्विक निवेशकों का मनोबल बढ़ा है. रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने की खबर ने सप्लाई चेन बाधित होने के डर को खत्म कर दिया है, जिसका असर अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रूप से देखने को मिला.
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
युद्ध टलने की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 'क्रैश' देखा गया. ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 14% गिरकर 94.10 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया. भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित होता है. इससे महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ी है और विमानन, पेंट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों की कंपनियों के मार्जिन में सुधार की संभावना है.
रुपया मजबूत और घटती अस्थिरता
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 50 पैसे मजबूत हुआ है। यह 92.56 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है. इसके साथ ही बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' (India VIX) 18.9% गिरकर 20.03 पर आ गया है, जिसका अर्थ है कि बाजार में अनिश्चितता का माहौल कम हो रहा है.
RBI पॉलिसी से पहले निवेशकों में उत्साह
बाजार में आई इस तेजी के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आगामी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक को लेकर बनी उम्मीदें भी शामिल हैं. निवेशकों को उम्मीद है कि बेहतर होते आर्थिक हालातों के बीच आरबीआई कुछ सहायक कदम उठा सकता है. वर्तमान में बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी जा रही है.