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EPFO ने PF ट्रांसफर प्रक्रिया बनाई आसान, नौकरी बदलने पर अब नहीं लगेगी Employer की मंजूरी

नई सुविधा का लाभ लेने के लिए कर्मचारी का UAN एक्टिव होना चाहिए और Aadhaar से लिंक होना जरूरी है. साथ ही PAN, बैंक अकाउंट और अन्य KYC जानकारी पूरी तरह अपडेट होनी चाहिए. यदि दोनों खातों में नाम, जन्मतिथि या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में अंतर होगा, तो PF ट्रांसफर में देरी हो सकती है.

EPFO ने PF ट्रांसफर प्रक्रिया बनाई आसान, नौकरी बदलने पर अब नहीं लगेगी Employer की मंजूरी

EPFO PF Transfer: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नौकरी बदलने वाले करोड़ों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. EPFO ने प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रांसफर की प्रक्रिया को पहले से काफी आसान बना दिया है. अब अधिकांश मामलों में PF ट्रांसफर के लिए पुराने या नए नियोक्ता (Employer) की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी. इससे कर्मचारियों का PF बैलेंस पहले की तुलना में काफी तेजी से ट्रांसफर हो सकेगा और कागजी प्रक्रिया भी कम होगी. EPFO का बड़ा फैसला: 15 जुलाई तक खातों में आ जाएगा पीएफ का ब्याज; केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने की घोषणा

क्या बदला है नया नियम?

EPFO की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, यदि कर्मचारी का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आधार (Aadhaar) से लिंक है और निर्धारित शर्तें पूरी होती हैं, तो ऑनलाइन PF ट्रांसफर के लिए Employer के सत्यापन की जरूरत नहीं पड़ेगी.

यह सुविधा उन कर्मचारियों पर लागू होगी जिनके दोनों PF अकाउंट (Member ID) एक ही UAN से जुड़े हैं, जो 1 अक्टूबर 2017 या उसके बाद जारी किया गया हो और Aadhaar से लिंक हो.

यदि कर्मचारी के दो अलग-अलग UAN हैं, लेकिन दोनों 1 अक्टूबर 2017 के बाद जारी हुए हैं, एक ही Aadhaar से जुड़े हैं और सभी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि और जेंडर समान हैं, तब भी बिना Employer की मंजूरी के PF ट्रांसफर किया जा सकेगा.

वहीं 1 अक्टूबर 2017 से पहले जारी UAN वाले कर्मचारी भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते उनका UAN Aadhaar से लिंक हो और सभी व्यक्तिगत विवरण दोनों खातों में पूरी तरह मेल खाते हों.

ऑनलाइन PF ट्रांसफर कैसे करें?

कर्मचारी सबसे पहले EPFO के Member e-Sewa पोर्टल पर अपने UAN और पासवर्ड से लॉगिन करें. इसके बाद Online Services मेन्यू में जाकर "One Member – One EPF Account (Transfer Request)" विकल्प चुनें.

अब अपनी व्यक्तिगत और नौकरी से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करें.

यदि आपका अकाउंट नई प्रक्रिया के लिए पात्र है, तो Aadhaar आधारित OTP सत्यापन के जरिए बिना Employer की मंजूरी के PF ट्रांसफर अनुरोध पूरा हो जाएगा. आवेदन जमा होने के बाद एक Tracking ID मिलेगी, जिसकी मदद से कर्मचारी EPFO पोर्टल के Track Claim Status विकल्प या UMANG ऐप के जरिए अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं. अगर कोई कर्मचारी नई पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो पहले की तरह उसे अपने पुराने या वर्तमान Employer से ट्रांसफर क्लेम का सत्यापन कराना होगा.

नौकरी बदलने वालों के लिए क्यों है फायदेमंद?

PF निकालने की बजाय उसे नई कंपनी में ट्रांसफर करने से कर्मचारी की बचत पर ब्याज मिलता रहता है और उसकी लगातार सेवा (Continuous Service) भी बनी रहती है. यह Employees' Pension Scheme (EPS) के तहत पेंशन पात्रता के लिए भी महत्वपूर्ण है.

इसके अलावा, लगातार पांच साल की सेवा पूरी होने से पहले PF निकालने पर कुछ मामलों में टैक्स भी लग सकता है. ऐसे में PF ट्रांसफर करना कर्मचारियों के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.

इन बातों का रखें ध्यान

नई सुविधा का लाभ लेने के लिए कर्मचारी का UAN एक्टिव होना चाहिए और Aadhaar से लिंक होना जरूरी है. साथ ही PAN, बैंक अकाउंट और अन्य KYC जानकारी पूरी तरह अपडेट होनी चाहिए. यदि दोनों खातों में नाम, जन्मतिथि या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में अंतर होगा, तो PF ट्रांसफर में देरी हो सकती है. EPFO ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि ट्रांसफर पूरा होने के बाद अपनी EPF पासबुक जरूर जांचें, ताकि EPF और EPS दोनों का योगदान सही तरीके से अपडेट हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि हो सके.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2026 01:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).