EPF Scheme 2026: क्या अब PF पर मिलेगा 8.25% से ज्यादा ब्याज? जानिए नए EPFO नियमों में क्या बदला और क्या रहेगा पहले जैसा

नई व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार को महामारी, राष्ट्रीय आपदा या अन्य आपात स्थितियों में विशेष अधिकार दिए गए हैं. ऐसी परिस्थितियों में सरकार अधिकतम तीन महीने के लिए EPF योगदान को अस्थायी रूप से कम या स्थगित कर सकती है, ताकि कर्मचारियों और कंपनियों को वित्तीय राहत मिल सके.

Employees’ Provident Fund Scheme 2026 Latest Update: केंद्र सरकार ने कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 के तहत नई Employees’ Provident Fund Scheme, 2026 को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित कर दिया है. इसके साथ ही 1952 की पुरानी Employees’ Provident Funds Scheme की जगह नया ढांचा लागू होगा. हालांकि नई योजना लागू होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या अब पीएफ खाताधारकों को 8.25 फीसदी से ज्यादा ब्याज मिलेगा. इस पर Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) ने स्थिति साफ कर दी है. यह भी पढ़ें: EPFO की डिजिटल सेवाएं अब 3 जुलाई से होंगी बहाल, सिस्टम अपग्रेडेशन के चलते संगठन ने फिर बढ़ाई समय-सीमा

नई EPF Scheme 2026 लागू होने के बाद ब्याज दर में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही थीं. लेकिन EPFO की ओर से जारी आधिकारिक सर्कुलर के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत ही रहेगी. यानी इस साल पीएफ खातों पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

8.25 प्रतिशत ब्याज दर रहेगी बरकरार

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि EPF खाताधारकों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पहले की तरह 8.25 फीसदी ब्याज मिलेगा. देश के 7 करोड़ से ज्यादा EPF सदस्यों को इसी दर से रिटर्न मिलेगा. ब्याज की गणना हर महीने के रनिंग बैलेंस पर की जाएगी और इसे सालाना आधार पर सदस्यों के खातों में जमा किया जाएगा.

मौजूदा कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

नई योजना लागू होने के बावजूद नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. मौजूदा PF बैलेंस, मासिक योगदान और अब तक जमा सभी लाभ स्वतः नई व्यवस्था में ट्रांसफर हो जाएंगे. इसके अलावा मौजूदा योगदान सीमा और वैधानिक वेतन सीमा में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है.

प्राइवेट PF ट्रस्ट्स के लिए सख्त नियम

नई EPF Scheme 2026 के तहत निजी कंपनियों के Exempted Provident Fund Trusts के लिए नए नियम लागू किए गए हैं. अब ऐसे ट्रस्ट केंद्र सरकार द्वारा घोषित ब्याज दर से 2 प्रतिशत (200 बेसिस पॉइंट्स) से अधिक ब्याज घोषित नहीं कर सकेंगे. सरकार का उद्देश्य सभी PF योजनाओं में संतुलन बनाए रखना और अत्यधिक जोखिम वाले निवेश को रोकना है.

डिजिटल सेवाओं को मिला कानूनी आधार

नई योजना में EPFO की डिजिटल सेवाओं को औपचारिक रूप से शामिल किया गया है. अब रिकॉर्ड का रखरखाव, सदस्य खाते, ऑनलाइन क्लेम, डिजिटल वार्षिक स्टेटमेंट और अन्य सेवाएं पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संचालित की जाएंगी. इससे दावों के निपटारे और रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता और तेजी आएगी.

आपातकाल में सरकार को मिले विशेष अधिकार

नई व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार को महामारी, राष्ट्रीय आपदा या अन्य आपात स्थितियों में विशेष अधिकार दिए गए हैं. ऐसी परिस्थितियों में सरकार अधिकतम तीन महीने के लिए EPF योगदान को अस्थायी रूप से कम या स्थगित कर सकती है, ताकि कर्मचारियों और कंपनियों को वित्तीय राहत मिल सके.

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