बैंकिंग सेक्टर में एआई की दस्तक: स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक 2030 तक करेगा 15% बैक-ऑफिस स्टाफ की कटौती, प्रभावित होंगे करीब 7,800 पद
वैश्विक बैंकिंग दिग्गज स्टैंडर्ड चार्टर्ड (Standard Chartered) ने अपनी कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने और मुनाफे को बढ़ाने के लिए एक बड़ी रणनीतिक योजना की घोषणा की है. बैंक साल 2030 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन को बढ़ावा देते हुए अपने कॉर्पोरेट और बैक-ऑफिस (सपोर्ट स्टाफ) के 15% से अधिक पदों (लगभग 7,800 रोल) को कम करने जा रहा है.
हांगकांग/लंदन, 19 मई: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) यानी एआई (AI) और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के चलते वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है. लंदन मुख्यालय वाले प्रमुख वैश्विक बैंक 'स्टैंडर्ड चार्टर्ड' (Standard Chartered) ने घोषणा की है कि वह साल 2030 तक अपने बैक-ऑफिस और कॉर्पोरेट सपोर्ट फंक्शंस के 15% से अधिक पदों में कटौती करेगा. बैंक के कुल कार्यबल को देखते हुए इस फैसले से लगभग 7,800 जॉब रोल्स प्रभावित होने की आशंका है. बैंक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और अपने मुनाफे को बढ़ाने के लिए एआई (AI) और उन्नत एनालिटिक्स तकनीक का बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहा है. यह भी पढ़ें: Meta Layoffs 2026: मेटा में बड़ी छंटनी, 20 मई से करीब 8,000 कर्मचारियों को निकालेगी FB की पेरेंट कंपनी, AI पर बढ़ा फोकस
लागत में कटौती नहीं, तकनीकी पूंजी का विस्तार: सीईओ
हांगकांग में निवेशकों और विश्लेषकों के एक सम्मेलन के दौरान बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बिल विंटर्स ने इस रणनीति की रूपरेखा साझा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कदम को पारंपरिक 'लागत कटौती' (Cost-Cutting) के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
बिल विंटर्स ने कहा, "हम नौकरियों को खत्म नहीं कर रहे हैं, बल्कि मशीनों के पक्ष में कुछ जॉब रोल्स को कम कर रहे हैं. कई मामलों में हम कम मूल्य वाले मानव श्रम (Lower-Value Human Capital) की जगह वित्तीय और निवेश पूंजी (Financial and Investment Capital) को स्थापित कर रहे हैं. जैसे-जैसे हम एआई को अपनाएंगे, यह गति और तेज होगी." हालांकि, बैंक ने यह भी कहा कि वह प्रभावित होने वाले कुछ कर्मचारियों को अन्य विभागों में रीस्किल (Retrain) करके तैनात करने का प्रयास करेगा.
AI के बढ़ते इस्तेमाल के चलते स्टैंडर्ड चार्टर्ड 15% बैक-ऑफिस नौकरियाँ कम करेगा
इन विभागों और शहरों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
इस तकनीकी बदलाव का सबसे बड़ा असर बैंक के प्रशासनिक और बैक-ऑफिस ऑपरेशन्स पर पड़ेगा। इनमें मुख्य रूप से मानव संसाधन (HR), जोखिम प्रबंधन (Risk Management) और नियामक अनुपालन (Compliance) जैसे विभाग शामिल हैं.
बैंक के पास साल 2025 के अंत तक सपोर्ट सर्विसेज में लगभग 51,000 से 52,000 कर्मचारी कार्यरत थे. इस कटौती से चेन्नई, बेंगलुरु, कुआलालंपुर (मलेशिया) और वारसॉ (पोलैंड) में स्थित बैंक के प्रमुख बैक-ऑफिस केंद्र सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है. यह भी पढ़ें: Meta Layoffs 2026: मेटा में बड़ी छंटनी, 20 मई से करीब 8,000 कर्मचारियों को निकालेगी FB की पेरेंट कंपनी, AI पर बढ़ा फोकस
मुनाफा बढ़ाने और वेल्थ मैनेजमेंट पर ध्यान
स्टैंडर्ड चार्टर्ड इस तकनीकी बदलाव के जरिए अपनी दक्षता में सुधार कर प्रति कर्मचारी आय को 2028 तक लगभग 20% तक बढ़ाना चाहता है. बैंक ने अपने दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को अपग्रेड करते हुए 'रिटर्न ऑन टेंजिबल इक्विटी' (ROTE) को 2028 तक बढ़ाकर 15% और 2030 तक 18% करने का लक्ष्य रखा है, जो कि 2025 में 11.9% था.
आने वाले वर्षों में बैंक का पूरा ध्यान अधिक मार्जिन वाले व्यवसायों जैसे कि वेल्थ मैनेजमेंट (धन प्रबंधन) और समृद्ध खुदरा ग्राहकों (Affluent Clients) पर केंद्रित रहेगा. इस रणनीतिक अपडेट के बाद हांगकांग शेयर बाजार में स्टैंडर्ड चार्टर्ड के शेयरों में 2.3% की बढ़त दर्ज की गई.