विदेश की खबरें | नींद: शाारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कितनी नींद जरूरी है
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. कैम्ब्रिज / शांघाई, नौ मई (द कन्वरसेशन) हम में से ज्यादातर लोगों को अगर रात में ठीक से नींद न आए तो कुछ भी सोचने में परेशानी होती है-कुछ अनमना सा महसूस होता है और इसका स्कूल, विश्वविद्यालय या काम में हमारे सामान्य कामकाज पर असर पड़ता है। आप महसूस करेंगे कि कम सोने से आप कहीं भी ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं या आपकी याद्दाश्त आपका साथ छोड़ने लगती है। यह सच है कि नींद न आने का सिलसिला अगर दशकों तक चले तो यह संभावित रूप से संज्ञानात्मक गिरावट का कारण बन सकती है।