देश की खबरें | हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुरू होगा शून्यकाल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शून्यकाल का परिचालन शुरू होगा और इसके लिए मानक परिचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) बनाई जाएंगी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।

शिमला, चार सितंबर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शून्यकाल का परिचालन शुरू होगा और इसके लिए मानक परिचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) बनाई जाएंगी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।

संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद यह मुद्दा उठाया था जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष की टिप्पणी आई।

चौहान ने कहा कि शून्यकाल शुरू करने के फैसले से पहले सरकार को विश्वास में नहीं लिया गया जिससे साबित होता है कि विधानसभा अध्यक्ष तटस्थ हैं और सरकार के दबाव में काम नहीं करते, जैसा कि कई बार विपक्ष दावा करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम शून्यकाल के विरुद्ध नहीं हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि एसओपी और अन्य तौर-तरीके निर्धारित किये जाएं कि किस तरह के मुद्दे उठाये जा सकते हैं। कार्य मंत्रणा समिति मुद्दों पर फैसल करेगी।’’

पठानिया ने कहा कि शून्यकाल में कोई भी मुद्दा संक्षिप्त होना चाहिए और दो से तीन मिनट में उठाया जाना चाहिए और इसे बार-बार नहीं उठाया जा सकता।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि चौहान यह कहकर आसन पर आक्षेप लगा रहे हैं कि उन्होंने सरकार को विश्वास में नहीं लिया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी कहा कि सरकार से चर्चा और एसओपी के निर्धारण के बाद ही शून्यकाल शुरू होना चाहिए और संसदीय कार्य मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र को चुनौती नहीं दी है।

उन्होंने कहा कि सरकार को शून्यकाल शुरू करने मे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन एसओपी बनाई जानी चाहिए।

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनहित के मुद्दे शून्य काल के दौरान उठाए जा सकते हैं और यह व्यवस्था 10 विधानसभाओं और संसद में भी है।

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