कोटा से वापस आए छात्र-छात्राओं से योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की बात
योगी ने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छात्रों से बात करते हुये कहा कि दुनिया के 200 से ज्यादा देश कोरोना वायरस महामारी की चपेट में हैं। जो देश खुद को सर्वशक्तिमान मानते थे, उनकी भी बुरी स्थिति है। हम सब भाग्यशाली हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 135 करोड़ लोगों की भलाई के लिए सही समय पर आवश्यक कदम उठाए।
लखनऊ, 28 अप्रैल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटा (राजस्थान) वापस आए छात्र-छात्राओं से मंगलवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की और उनका हाल-चाल जाना।
योगी ने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छात्रों से बात करते हुये कहा कि दुनिया के 200 से ज्यादा देश कोरोना वायरस महामारी की चपेट में हैं। जो देश खुद को सर्वशक्तिमान मानते थे, उनकी भी बुरी स्थिति है। हम सब भाग्यशाली हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 135 करोड़ लोगों की भलाई के लिए सही समय पर आवश्यक कदम उठाए।
आदित्यनाथ ने इस दौरान उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण कोटा में फंसे राज्य के साढ़े 11 हजार से अधिक युवाओं को वापस लाना हमारे लिए बड़ी चुनौती थी। हमने कार्ययोजना बनाकर राजस्थान और भारत सरकार से संवाद स्थापित किया और आप लोगों को आपके घरों तक पहुंचाने में सफल रहे।
उन्होंने कहा कि विपत्ति में व्यक्ति का सबसे बड़ा साथी उसका धैर्य होता है, आप सबने धैर्य बनाए रखा, जिसका परिणाम है कि आज आप सब अपने घरों में सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना वायरस की जंग में बचाव और जागरूकता बेहद जरूरी है। कोटा से वापस आए सभी युवा साथी 14 दिनों तक घर पर पृथकवास में रहें और एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पालन करें। यह आपके और आपके परिवार के लिए अच्छा रहेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने छात्रों से कहा कि वे अपने घरों में बैठकर अपने पाठ्यक्रम को पूरा कर सकते हैं। सरकार ने प्रदेश में ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था भी की है। हमारा प्रयास है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में कुछ अच्छे सेंटर स्थापित किए जाएं। जिससे उत्तर प्रदेश के युवा प्रदेश के अंदर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें, उन्हें प्रदेश से बाहर न जाना पड़े।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लॉकडाउन के तीसरे दिन ही दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और देश के अन्य राज्यों से 4 लाख से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों का अपने घरों के लिए पैदल निकल पड़ना हम लोगों के लिए बड़ी चुनौती था। इसकी जानकारी मिलते ही हमने सभी जरूरी कदम उठाए और उन श्रमिकों को बसों के माध्यम से उनके जनपद में पहुंचाकर उन्हें पृथक कराया।
उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में भी जहां उत्तर प्रदेश के प्रवासी श्रमिक या कामगार हैं, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें वापस लाने की कार्यवाही हम युद्ध स्तर पर कर रहे हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2020 09:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

