देश की खबरें | आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों में धीमी गति पर योगी आदित्यनाथ ने जताई नाराजगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर जिले के भटहट के पिपरी में राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय 'महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय' के निर्माण कार्य की समीक्षा की और कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई।
गोरखपुर (उप्र), आठ अप्रैल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर जिले के भटहट के पिपरी में राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय 'महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय' के निर्माण कार्य की समीक्षा की और कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई।
. निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्य की गति पर असंतोष व्यक्त किया और दो माह के भीतर भूमि समतलीकरण का कार्य पूर्ण नहीं होने पर ठेकेदारों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिए।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 28 अगस्त 2021 को आयुष विश्वविद्यालय की नींव रखी थी। उनके अनुसार समीक्षा बैठक के दौरान योगी ने समय सीमा में काम पूरा नहीं होने पर प्राथमिकी दर्ज करने के भी निर्देश दिए और जिलाधिकारी को कार्य के प्रति जवाबदेही तय करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा नहीं होने पर सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी।
मुख्यमंत्री जैसे ही आयुष विश्वविद्यालय पहुंचे और मिट्टी को समतल करने का अधूरा काम देखा तो नाराज हो गए। उन्होंने अधूरे काम के बारे में पूछताछ की और चिंता व्यक्त की कि आने वाले बरसात के मौसम में काम कैसे होगा। उन्होंने कहा कि 15 जून के बाद बारिश शुरू हो जाएगी और जलजमाव एक चुनौती बन जाएगा, ऐसे में समय पर काम पूरा करना बहुत मुश्किल होगा।
लखनऊ में जारी एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अगस्त, 2023 तक पूर्ण कर लिया जाए और आगामी चार माह में विश्वविद्यालय के कुलपति का आवास पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण न होने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाए। विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा के साथ ही निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच भी कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विश्वविद्यालय के वास्तु में भारतीयता दिखाई दे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में नाथ संप्रदाय की सर्वोच्च पीठ गोरक्षपीठ के महंत हैं और गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से इस बार विधानसभा चुनाव में निर्वाचित हुए हैं। इसके पहले योगी गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से पांच बार सांसद रह चुके हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)