देश की खबरें | येस बैंक मामला : अदालत ने वधावन बंधुओं की जमानत अर्जी खारिज की
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मुंबई, चार नवंबर बंबई उच्च न्यायालय ने येस बैंक धोखाधड़ी मामले में दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के प्रवर्तकों कपिल और धीरज वधावन की जमानत अर्जी बुधवार को खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति एस. वी. कोतवाल की पीठ ने वधावन बंधुओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई और ए एम सिंघवी की दलीलों को खारिज कर दिया कि सीबीआई मामले में आरोपपत्र दाखिल करते समय प्रक्रिया का पालन करने में नाकाम रही।
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वधावन बंधुओं ने उच्च न्यायालय में अर्जी देकर जमानत का अनुरोध किया था। उनका दावा था कि मामले की जांच कर रही सीबीआई ने शहर की विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल करने से पहले सीआरपीसी की प्रक्रियागत जरुरतों को पूरा नहीं किया।
देसाई ने दलील दी कि सीबीआई ने विशेष मजिस्ट्रेट के समक्ष रिपोर्ट फाइल करने से पहले सीआरपीसी की धारा 173 के तहत तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा मामले में सीबीआई की जांच रिपोर्ट पूरी नहीं है और अदालत ने उसका संज्ञान भी नहीं लिया है ।
मामले में सीबीआई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल अनिल सिंह ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि सीबीआई ने सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है।
सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में प्राथमिकी के मुताबिक येस बैंक ने अप्रैल और जून 2018 के बीच डीएचएफएल में 3700 करोड़ रुपये का निवेश किया और इसके लिए वधावन बंधुओं ने बैंक के तत्कालीन सीईओ और प्रबंध निदेशक राणा कापूर को कथित तौर पर 600 करोड़ रुपये घूस दिए थे।
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